By अनुराग गुप्ता | Apr 19, 2022
कोलंबो। आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इसी बीच प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पहली बार श्रीलंका की पुलिस ने गोलियां चलाई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि अन्य 16 जख्मी बताए जा रहे हैं। इस दौरान 8 पुलिसकर्मियों के भी जख्मी होने की खबर है। एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि हिंसक भीड़ पर काबू पाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलानी पड़ीं। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया था।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि के खिलाफ रामबुक्काना के एक रेलवे ट्रैक को 8 घंटे से अवरुद्ध कर रखा था। ऐसे में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। जिसके बाद झड़प शुरू हो गई।
श्रीलंका की हालत इतनी ज्यादा चरमराई हुई है कि वह दिवालिया होने की कगार पर है और उसे कुल 25 अरब डॉलर में से करीब 7 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज इस साल चुकाना है। विदेशी मुद्रा की भारी कमी का सीधा मतलब है कि देश में आयातित सामान खरीदने के लिए पैसों की भारी कमी है।
श्रीलंकाई लोग भोजन, रसोई गैस, ईंधन और दवाई की महीने भर से कमी झेल रहे हैं। वह इतने ज्यादा परेशान हो चुके हैं कि घंटों कतारों में खड़े होने के बाद सीमित स्टॉक खरीद पाते हैं। साल 1948 में आजादी मिलने के बाद से श्रीलंका पर अबतक का सबसे बड़ा आर्थिक संकट छाया हुआ है।