सरकार ने रोजगार अभियान के लिए 116 वरिष्ठ नौकरशाहों को शीर्ष अधिकारी नियुक्त किया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 24, 2020

नयी दिल्ली। सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के उद्देश्यों को हासिल करने के लिये 116 वरिष्ठ नौकरशाहों को केन्द्रीय नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया है।इस महत्वकांक्षी योजना की शुरुआत कोरोना वायरस महामारी के कारण अपने घर गांव लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक कार्यों को पूरा करने के अभियान के तौर पर की गई है। शीर्ष अधिकारी के तौर नियुक्त किये गये ये सभी नौकरशाह संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी है।इनका चयन विभिन्न सेवाओं से किया गया है।इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) सहित अन्य सेवाओं के अधिकारी शामिल हैं। 

अग्रवाल और राव इस समय क्रमश: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, एवं दूरसंचार विभाग में संयुक्त सचिव हैं। आईएएस अधिकारी पार्थ सारथी सेनशर्मा को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का केन्द्रीय प्रधान अधिकारी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वह रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में संयुक्त सचिव के तौर पर कार्यरत हैं।इसी प्रकार वरिष्ठ नौकरशाह अभिषेक सिंह को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लिये शीर्ष अधिकारी नियुक्त किया गया है।सिंह वर्तमान में सरकार के नागरिक केन्द्रित आनलाइन प्लेटफार्म माइगाव इंडिया के मुख्यकार्यकारी अधिकारी हैं। 

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सुबोध कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले का केन्द्रीय शीर्ष अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह छत्तीसगढ कैडर के 1997 बैच के आईएएस अधिकारी है और इस समय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले सप्ताह शनिवार को 50 हजार करोड़ रुपये के गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की थी।यह योजना कोरोना वायरस महामारी के बड़े शहरों में बढ़ते प्रभाव को देखते हुये बड़ी संख्या में अपने गांवों को लौटे प्रवासी मजदूरों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के वास्ते शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। इसके तहत देश के 116 जिलों में 25 श्रेणियों में काम अथवा गतिविधियां चलाई जायेंगी। ये जिलें ऐसे राज्यों के हैं जहां बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार लौटे हैं। इनमें बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यम प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा शामिल हैं। यह योजना 50,000 करोड़ रुपये की है और इसके तहत सार्वजनिक कार्यों को किया जायेगा।इसमें ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों के लिये मकान, पौध लगाने, जल जीवन मिशन के तहत पीने के पानी की व्यवसथा, पंचायत भवन का निर्माण, सामुदायिक शौचालय, ग्रामीण मंडी, ग्रामीण सड़क के अलावा पशुओं के लिये रहने की व्यवस्था, आंगनवाड़ी भवन बनाने सहित अन्य कार्यों को शामिल किया गया है। 

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कार्मिक मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये शुक्रवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसे ग्रामीण विकास विभाग में सचिव और अन्य संबंधित मंत्रालयों, विभागों के सचिव संबोधित करेंगे।सभी नोडल अधिकारियों को कार्यशाला में उपस्थित होने को कहा गया है।

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