By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 30, 2020
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने किसान संगठनों और सरकार के बीच नए दौर की बातचीत की पृष्ठभूमि में बुधवार को कहा कि केंद्र को तीनों ‘काले कृषि कानूनों’ को निरस्त कर किसानों को नए साल की सौगात देनी चाहिए। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश के किसान विश्वास नहीं करते। उन्होंने प्रधानमंत्री के पूर्व के कुछ बयानों का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘हर बैंक खाते में 15 लाख रुपये और हर साल दो करोड़ नौकरियां। 50 दिन दीजिए, नहीं तो... हम कोरोना वायरस के खिलाफ 21 दिनों में युद्ध जीतेंगे। न तो कोई हमारी सीमा में घुसा है और न किसी चौकी पर कब्जा किया है।’
सैलजा ने आरोप लगाया, ‘‘सरकार कारपोरेट को गले लगाती है, लेकिन किसानों और गरीबों की नहीं सुनती। अगर खेती का निगमीकरण किया गया तो किसान भी जीएसटी और दूसरे करों के दायरे में आ जाएगा। इससे किसान का नुकसान होगा। इसका मतलब कि यह कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास है।’’ उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने दावा किया, ‘‘इन तीनों काले कानूनों के विरोध में किसान लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन लगता है कि सरकार हठधर्मिता पर उतर चुकी है। गतिरोध तोड़ने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।’’ उन्होंने दावा किया कि इन कानूनों से सिर्फ किसानों को नुकसान नहीं होगा, बल्कि महंगाई बढ़ेगी तो देश के हर नागरिक का नुकसान होगा।