By अभिनय आकाश | Jul 10, 2026
ईरान अमेरिका की जंग विध्वंसक मोड़ यहां पर लेती हुई जा रही है। ईरान पर हमले हुए हैं तो ईरान ने भी पलटवार यहां पर किया है। ईरान लगातार चेतावनी अमेरिका को दे रहा है। अमेरिका हर उस जगह को निशाना यहां पर बना रहा है जो ईरान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अमेरिकी सेना ने चाबहार पोर्ट पर जबरदस्त बमबारी की है। दावा यह भी किया जा रहा है कि अमेरिका ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। अब अमेरिका पर ईरान ने बहुत बड़ा आरोप यहां पर लगा दिया। ईरानी मीडिया का दावा यह है कि परमाणु ठिकाने के पास हमले हुए हैं और अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु प्लांट के पास हमला कर दिया है। मेहर न्यूज़ एजेंसी है जिसके मुताबिक वहां पर धमाकों की आवाज सुनाई दी है और अमेरिका ने तड़के ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जो दावा यहां पर किया उसके मुताबिक एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन भंडार के साथ ही नौसैनिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और ईरान के कई मिलिट्री ठिकानों पर अटैक कर दिया है। अब जाहिर तौर पर अमेरिका अगर हमले कर रहा है तो ईरान उसका जवाब देगा। रान ने जो हमले यहां पर किए हैं उसके बाद यहां पर कुवैत में ईरानी हमलों के बाद सायरन बजते हुए सुनाई दिए हैं। यह सब कुछ वैसा ही है जैसे इस तनाव की शुरुआत हुई थी। अमेरिका हमले करता है और ईरान नजदीकी देश जहां पर अमेरिका के बेस है उनको टारगेट करता है। दोनों के बीच जब वार पलटवार हो रहा है तो फिर से यह हिंसक रूप ले रहा है। लेकिन सवाल अब यह है कि जो बातचीत की कोशिश हो रही थी उसके बाद अचानक से ऐसा क्या हुआ कि तनाव यहां पर पैदा हो गया और एक और सवाल यह भी कि अब क्रूड की कीमतों का क्या होगा? क्योंकि स्टेट ऑफ हॉर्मोस एक बार फिर से इसकी एक बड़ी वजह है। ईरान अमेरिका में हॉर्मोस के चक्कर में सीज फायर टूटा है। जहाजों को निशाना बनाने के आरोप में अमेरिका ने हमले यहां पर कर दिए हैं तो अब ईरान ने हॉर्मोस बंद करने के लिए धमका दिया है। ईरान धमकाते हुए कह रहा है कि अगर हमले किए तो हॉर्मोस बंद कर देंगे।
ईरान की संसद के स्पीकर हैं मोहम्मद गलीबा। उन्होंने यहां पर कहा कि अमेरिका को दादागिरी और वादे तोड़ने की कीमत चुकानी पड़ेगी। अगर आप हमला करेंगे तो आपको जवाब भी इसका मिलेगा। बेकार की कोशिशें अमेरिका ना करें। आप और गहरे दलदल में फंसते चले जाएंगे। यह सीधी चेतावनी अमेरिका को ईरान दे रहा है। हॉर्मस को अमेरिकी धमकियों से नहीं हमारी शर्तों पर खोला जाएगा। यह बात उन्होंने साफ कर दी है। उधर ट्रंप के ईरान के नेतृत्व को बेकार बताकर एक बड़ा बयान यहां पर दे दिया गया और कहा कि वो बीमार मानसिकता के लोग हैं और उनसे बात करना बेकार है।