By अभिनय आकाश | Oct 12, 2026
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी नेनई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय, इंदिरा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरेंद्र मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर कई आरोप लगाए। कथित वोट चोरी और विपक्ष के चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर बात करते हुए, राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और विदेश मंत्रालय (MEA) सहित लगभग 200 सरकारी अधिकारी विपक्ष के संपर्क में थे। राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व वाले युवा प्रदर्शनकारियों का भी ज़िक्र आया। उन्होंने कहा कि सभी विरोध प्रदर्शन एक ही हैं और इनमें कोई बंटवारा नहीं है। कांग्रेस सांसद की ये बातें तब सामने आईं जब 'इंडिया' गठबंधन ने चुनाव में कथित गड़बड़ियों और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सेंट्रल दिल्ली में मार्च करने की योजना बनाई थी।
राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को एक एकजुट आंदोलन के तौर पर पेश करने की कोशिश की और ज़ोर देकर कहा कि कोई अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं। हालांकि, इंदिरा भवन में 12 अक्टूबर को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सीधे तौर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों से ऐसा लगा कि युवाओं के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन और कथित वोट चोरी को लेकर INDIA ब्लॉक का आंदोलन एक ही बड़े अभियान का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कोई अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं। विरोध सिर्फ़ एक है ज्ञानेश कुमार को हटाना, और फिर प्रधानमंत्री और अमित शाह; हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने आंदोलन जारी रखने के विपक्ष के संकल्प को दोहराया। राहुल गांधी ने युवा प्रदर्शनकारियों को एकजुटता का संदेश भी दिया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा देश के युवा तब तक नहीं रुकेंगे जब तक संविधान की रक्षा नहीं होती, CEC हट नहीं जाते, चुनाव प्रणाली में सुधार नहीं होता और हमें न्याय नहीं मिल जाता।
राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें CEC ज्ञानेश कुमार से मैसेज मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में बदलाव और वोट चोरी के आरोपों से जुड़े विवाद के बीच चुनाव प्रमुख दबाव में हैं। अमेठी से कांग्रेस सांसद ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा देने और सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि उन्हें कथित अनियमितताओं के बारे में जो कुछ भी पता है, उसका खुलासा करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि CEC "बढ़ते दबाव के कारण सो नहीं पा रहे हैं" और चेतावनी दी कि विपक्ष उनके खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगा। राहुल ने कहा मैसेज आ रहे हैं। मैसेज आ रहे हैं और ज्ञानेश कुमार यह प्रेस कॉन्फ्रेंस देख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा ज्ञानेश कुमार को सरकारी गवाह बन जाना चाहिए। आपने अपराध किया है और सच कहूं तो, आप मुख्य अपराधी नहीं हैं। आपसे गलती हुई है। आपने गलती की है। आप उस गलती के पीछे का असली दिमाग नहीं हैं। ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं जब INDIA गठबंधन ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग तेज कर दी है। गठबंधन ने चुनाव आयोग पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर जताई गई चिंताओं का समाधान न कर पाने का आरोप लगाया है। सोमवार को नई दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में CEC से मिले मैसेज के बारे में राहुल गांधी के दावों के साथ उन संदेशों का कोई सार्वजनिक विवरण नहीं दिया गया।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के इच्छुक लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रियों को दिल्ली पहुंचने से रोका जा रहा है और ट्रेन और बस यात्रियों को प्रभावित करने वाली व्यवधान की खबरों का हवाला दिया। 10 अक्टूबर से राष्ट्रीय राजधानी में किए गए सुरक्षा इंतजामों के पैमाने पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए 20,000 से 30,000 कर्मियों को तैनात कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस की स्पष्ट उपस्थिति विपक्ष को यह साबित करने में मदद कर रही है कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त की सुरक्षा कर रही है।
विपक्ष के नेता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों - खासकर आंदोलन में शामिल युवाओं - को काबू में रखने के लिए मिले आदेशों से दिल्ली पुलिस सहज नहीं थी। उन्होंने विपक्षी प्रदर्शनकारियों के प्रति पुलिस के रवैये की तुलना BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कार्यकर्ताओं को मिली ज़्यादा आज़ादी से की।