Kiren Rijiju ने Congress को बताया दिशाहीन, Supreme Court मार्च और CEC के विरोध पर घेरा

Congress
ANI
अभिनय आकाश । Oct 12 2026 6:00PM

चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकाला। विपक्षी दल इस मामले में शीर्ष अदालत में याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को दिशाहीन बताते हुए संवैधानिक संस्थाओं के अपमान की कड़ी निंदा की।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा और कांग्रेस पार्टी को "दिशाहीन" बताया। यह तब हुआ जब INDIA गठबंधन के नेता 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। रिजिजू ने कहा कि विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन साथ ही उन्होंने एक्स पर लिखा कि संवैधानिक अधिकारियों का खुलेआम अपमान करना निंदनीय है। विपक्षी नेतृत्व पर अपना हमला तेज करते हुए उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी अब दिशाहीन हो गई है। लेकिन अगर उन्हें कोई परिपक्व और समर्पित नेता मिल जाए, जिसे साल में 200 छुट्टियां मनाने में मज़ा न आता हो, तो वे अपनी संख्या में सुधार कर सकते हैं।

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यह घटनाक्रम तब हुआ जब सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का नेतृत्व किया। इस दौरान कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी मौजूद थे। उनके साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत 'इंडिया' गठबंधन के अन्य नेता भी शामिल हुए। मार्च के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी राहुल और प्रियंका गांधी के साथ चल रही थीं। राहुल गांधी की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंची है और व्यक्तिगत रूप से रिट याचिका दायर करने के लिए समय बढ़ाने की मांग कर रही है। बताया जा रहा है कि यह याचिका भारत निर्वाचन आयोग की कथित अनियमितताओं से जुड़े नई दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के मुद्दों से संबंधित है। उनकी कानूनी टीम शाम 4:30 बजे के बाद भी याचिका दायर करने की अनुमति मांग रही है, जो कि शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में याचिका दाखिल करने का सामान्य समय है। आमतौर पर, ऐसे मामलों में कोई भी पक्ष शीर्ष अदालत की ई-फाइलिंग सेवा का उपयोग कर सकता है, जो 24/7 खुली और सुलभ रहती है। मार्च को देखते हुए बैरिकेड्स लगाए गए और भारी पुलिस बल तैनात किया गया, क्योंकि 'इंडिया' गठबंधन के बैनर तले हजारों राजनीतिक कार्यकर्ता और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता मार्च कर रहे थे।

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मार्च के दौरान ANI से बात करते हुए कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "देश भर से लोग यहां आए हैं और दिल्ली ठप हो गई है। हम SIR और 'वोट की चोरी' के खिलाफ हैं... उन्होंने हरियाणा, असम और बिहार में इसी तरह वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की और चुनावों में धांधली की। अब वे पंजाब में भी ऐसा ही करने की तैयारी कर रहे हैं। इसीलिए लोग सड़कों पर उतरे हैं, ताकि यह पक्का किया जा सके कि हमारे वोट न हटाए जाएं।
 

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