By अंकित सिंह | Jun 25, 2026
क्या महा विकास अघाड़ी गठबंधन बिखरने की कगार पर है? ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन के 60 में से 23 विधायकों ने बुधवार शाम को हुई रणनीति बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इनमें नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार और उनके सीनियर नेता जयंत पाटिल भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि निजी कारणों से वे बैठक में नहीं आ सके। और सिर्फ़ यही बड़े नाम नहीं थे।
ठाकरे ने दुख के साथ पूछा कि क्या हम सच में साथ हैं? अपने सांसदों की बगावत पर - यह दूसरी बार है जब चार साल में पूर्व मुख्यमंत्री की पार्टी इस तरह टूटी है - उन्होंने अपने नेताओं और गठबंधन से कहा कि वे उन लोगों पर ध्यान दें जो हमारे साथ हैं। उन्होंने कहा कि जो चले गए हैं... उन्हें जाने दें। इसके बाद ठाकरे ने कड़े तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि MVA के तौर पर हम एक बड़ी ताकत हैं। उन्होंने सदस्यों से एकजुटता दिखाने के लिए मिलकर काम करने और संयुक्त बैठकें व रैलियां करने का आह्वान किया, भले ही उन्हें हार का सामना करना पड़ा हो।
मुश्किल में घिरे शिवसेना नेता ने आगे कहा कि हम कहते हैं कि हम साथ हैं... लेकिन क्या हम सच में साथ हैं? क्या हम सदन में महा विकास अघाड़ी के तौर पर एकजुट हैं? क्या हम मिलकर मुद्दे उठाते हैं? शिवसेना (उबाठा) के दो सांसदों ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उनसे आग्रह किया कि वह पार्टी के छह बागी सांसदों द्वारा उन्हें सौंपी गई मांगों को साझा करें। यह मुलाकात पार्टी के छह बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना में शामिल होने के दो दिन बाद हुई है। बिरला से मिलने के बाद, शिवसेना (उबाठा) के सांसद अनिल देसाई और अरविंद सावंत ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से ‘‘संविधान के प्रावधानों का पालन करने’’ का आग्रह किया और बागी गुट की ओर से सौंपी गई मांगों की एक प्रति मांगी।
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