कुछ ऐसी है काबा के ब्लैक स्टोन की कहानी, छूने और चूमने की 30 महीने पुरानी पाबंदी हटाई गई

By अभिनय आकाश | Aug 09, 2022

ढाई सालों के बाद सऊदी अरब ने अपने पवित्र स्थल काबा के के चारों ओर सुरक्षात्मक बाधाओं को हटा दिया है। जिन्हें एहतियात के तौर पर कोविड-19 महामारी से दौरान खड़ा किया गया था। ग्रैंड मस्जिद और पैगंबर की मस्जिद के मामलों के अध्यक्ष शेख डॉ अब्दुलरहमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-सुदैस ने उमराह के मौसम की शुरुआत के साथ काबा के आसपास सुरक्षात्मक बाधाओं को उठाने के लिए तरह की मंजूरी जारी करने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद उमराह की यात्रा पर जाने वाले हाजी पहले की तरह इस काले पत्थर को छूकर दुआ मान सकेंगे। 

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 मक्का इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र स्थल है. इस्लाम धर्म को मानने वालों के लिए जीवन में एक बार हज यात्रा करना जरूरी माना जाता है। मक्का काबा पहुंचकर हज यात्री काबे का तवाफ यानी परिक्रमा करते हैं। इस दौरान वो मस्जिद के पूर्वी कोने में लगे और चारों ओर से चांदी के फ्रेम में जड़े इस काले पत्थर को भी चूमते हैं। खाने काबा यानी मस्जिद-अल-हरम में लगा ये काला पत्थर भले ही आकर में छोटा हो, लेकिन इसका महत्व इस्लाम धर्म में काफी बड़ा 

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