महाराष्ट्र में भूख से मर गए 65 बच्चे, राज्य सरकार को HC ने लगाई फटकार, पूछा- आपकी चिंता कहां है?

By अभिनय आकाश | Nov 13, 2025

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमरावती ज़िले के आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र में कुपोषण के कारण बच्चों की मौतों में चिंताजनक वृद्धि को लेकर महाराष्ट्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। स्थिति को भयावह बताते हुए, अदालत ने राज्य सरकार की प्रतिक्रिया को बेहद लापरवाह और असंवेदनशील बताया। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति संदेश पाटिल की खंडपीठ ने मौजूदा कुपोषण संकट से संबंधित कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि अकेले जून और नवंबर 2025 के बीच, छह महीने से कम उम्र के 65 बच्चों की कुपोषण के कारण मृत्यु हो गई है। जिसे उसने राज्य के लिए बेहद शर्मनाक बताया।

यह मानवता का मामला है, आंकड़ों का नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि यह मुद्दा आँकड़ों से परे है और सीधे तौर पर जीवन और सम्मान के मौलिक अधिकार से जुड़ा है। न्यायाधीशों ने कहा, "यह आँकड़ों का मामला नहीं है - यह मानवीय अस्तित्व और करुणा का प्रश्न है।" उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों से बार-बार न्यायिक चेतावनियों के बावजूद कुपोषण से संबंधित मौतें क्यों जारी रहीं।

वरिष्ठ अधिकारियों को जवाबदेही के लिए तलब किया गया

एक कड़े निर्देश में, अदालत ने लोक स्वास्थ्य, आदिवासी विकास, महिला एवं बाल कल्याण और वित्त विभागों के प्रमुख सचिवों को 24 नवंबर को पीठ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया। चारों विभागों को कुपोषण से निपटने और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की पहुँच में सुधार के लिए अब तक उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है।

प्रमुख खबरें

Women Health: क्या प्रेग्नेंसी वाला Sugar, Delivery के बाद भी बना रहता है? जानें पूरा सच

Ram Navami पर PM Modi का राष्ट्र के नाम संदेश, प्रभु राम के आशीर्वाद से पूरा होगा Viksit Bharat का संकल्प

Donald Trump का सनसनीखेज दावा, Iran ने दिया था Supreme Leader बनने का Offer!

Bengal में किसकी सरकार? Pre-Poll Survey ने खोला राज, TMC और BJP की सीटों का पूरा गणित