इंसानियत जिंदा है! दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे के इलाज के लिए 65,000 लोगों ने दिया दान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 12, 2021

हैदराबाद। यहां तीन साल के एक बच्चे को ‘जीन’ से संबंधित एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी होने पर लगभग 65,000 लोगों ने जीन उपचार मुहैया कराने के लिए उसकी सहायता की। शहर के एक निजी अस्पताल में अयांश गुप्ता को बुधवार को दुनिया की सबसे महंगी दवा ‘जोलगेंसमा’ दी गई जिसे दान के पैसों से अमेरिका से मंगवाया गया था। बच्चा जब एक साल का था तब उसे ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी’ नामक बीमारी होने का पता चला। अयांश के पिता योगेश गुप्ता यहां एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने कहा, “यह एक अत्यंत दुर्लभ बीमारी है जिससे मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है।

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गुप्ता ने कहा, “लगभग 65,000 लोगों ने दान दिया। यह 22 मई को संभव हुआ।” परिवार के एक दोस्त ने एक सांसद से संपर्क किया जिन्होंने संसद में उक्त दवा की कीमत के मुद्दे को उठाया जिसके बाद केंद्र सरकार ने छह करोड़ रुपये का कर माफ किया। बच्चे को दवा दिए जाने के बाद गुप्ता ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में उसकी हालत में और सुधार होगा। उन्होंने बताया कि अयांश को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और आगे उपचार चलता रहेगा। बच्चे के पता ने सभी 65,000 दानकर्ताओं को धन्यवाद दिया।

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