भरी रैली में नरेंद्र मोदी को बम से उड़ाने की साजिश रचने वाले 9 लोग दोषी करार, 1 नवंबर को होगा सजा का ऐलान

By अभिनय आकाश | Oct 28, 2021

साल 2013 में पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में अदालत ने 10 में से नौ आरोपियों को दोषी करार दिया  है। एक आरोपी को सबूतों के आभाव में बरी कर दिया गया है। अब कोर्ट इस मामले में एक नवंबर को सजा सुनाएगी। आठ  साल पहले 27 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान जोरदार धमाका हुआ था। 27 अक्टूबर 2013 को बिहार की राजधानी पटना में हुए सिलसिलेवार धमाकों में छह लोगों की मौत हुई थी और नब्बे से ज्यादा लोग घायल हुए थे। हालांकि इन धमाकों के बावजूद पटना के गांधी मैदान में रैली हुई और नरेंद्र मोदी ने भाषण भी दिया था। वो बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। 

पटना में बीजेपी की हुंकार रैली के दौरान सीरियल ब्लास्ट हुए थे। गांधी मैदान के साथ-साथ पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दस के शुलभ शौचालय में भी एक धमाका हुआ था। इस मामले में एनआईए ने घटना के अगले दिन से जांच शुरू कर दी थी। एनआईए ने एक साल के अंदर ही 21 अगस्त 2014 को कुल 11 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीच दाखिल की थी। इसके बाद एनआईए की टीम ने इस मामले में हैदर अली, नोमान अंसारी, मोहम्मद मुजिबुल्ला अंसारी, इमतियाज आलम, अहमद हुसैन, फकरुद्दीन, मोहम्मद फिरोज असलम, इम्तियाज अंसारी, मोहम्मद इफ्तिखार आलम, अजरुद्दीन कुरैशी और तौफीक अंसारी को गिरफ्तार किया था।

मानव बम बन उड़ाने की थी साजिश

दरअसल, गांधी मैदान ब्लास्ट का मास्टर माइंड हैदर अली और मुजिबुल्लाह था। बताया जाता है कि बम धमाके के बाद वो डर गया था। इसलिए मौके से भागने की कोशिश की लेकिन तब तक पुलिस मौके पर पहुंच गई और उसे दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। उसने पूछताछ में बताया था कि वो अपनी पूरी टीम के साथ गांधी मैदान में हुंकार रैली को दहलाने के लिए पहुंचा था। इन धमाकों में आतंकियों के निशाने पर नरेंद्र मोदी थे और उन्हें मानव बम से उड़ाने की प्लानिंग थी। आतंकियों ने इसकी पूरी तैयारी कर रखी थी। इस प्लानिंग में बम से लैस जैकेट को पहनकर आतंकियों का नरेंद्र मोदी के पास जाना और उन्हें उड़ा देना शामिल था।

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उड़ गया था एक आतंकी का शरीर

गांधी मैदान में जिस वक्त यह धमाके हुए, उस दौरान पुलिस ने इसे छोटा विस्फोट बताया था लेकिन सच यह था कि धमाके में एक आतंकी का शरीर ही उड़ गया था। बताया जाता है कि मानव बम का इस्तेमाल पीएम उम्मीदवार रहे वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी के वाहन को उड़ाने के लिए किया गया था। लेकिन गलती से वह पटना जंक्शन के शौचालय में फट गया। इस धमाके में गांधी मैदान व पटना रेल थाने में मामला दर्ज किया गया था। बाद में इस केस को एनआइए को सौंपा गया था।

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