By एकता | Jul 12, 2026
राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भारतीय सेना के 92 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी, कैप्टन चुन्नीलाल ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी के बिना धोखे से उनकी जमीन को गिरवी रख दिया गया, ट्रांसफर कर दिया गया और बाद में बेच भी दिया गया। कैप्टन चुन्नीलाल देश के एक सच्चे वीर हैं, जिन्होंने चीन के साथ 1962 के युद्ध और पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 के युद्धों में देश के लिए लड़ाई लड़ी थी।
उन्होंने बताया, "हिमाचल प्रदेश के पास हमारे परिवार की बहुत उपजाऊ खेती की जमीन थी। लेकिन सरकार ने पोंग बांध परियोजना के लिए हमारी जमीन ले ली। उस समय जो मुआवजा मिला, वह काफी नहीं था। हमें आश्वासन दिया गया कि बेघर हुए परिवारों को राजस्थान में जमीन दी जाएगी। इसके बाद मुझे मोहनगढ़ में जमीन दी गई। जब मैं पहली बार वहां पहुंचा, तो चारों तरफ सिर्फ रेत ही रेत थी। सालों की कड़ी मेहनत के बाद हमने उस बंजर जमीन को सुधारा और धीरे-धीरे वह उपजाऊ बन गई।"
कैप्टन चुन्नीलाल ने आरोप लगाया कि इतने सालों की खून-पसीने की मेहनत के बाद, कुछ लोगों ने जाली दस्तावेज तैयार किए और उनके हमशक्ल को खड़ा करके उनकी जमीन धोखे से बेच दी। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसा कैसे हो सकता है। 92 वर्ष से अधिक की उम्र होने के कारण उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके मामले की सुनवाई हिमाचल प्रदेश ट्रांसफर कर दी जाए, ताकि वे आसानी से कोर्ट जा सकें और उन्हें न्याय मिल सके।
इस गंभीर मामले पर जैसलमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेवतदान ने स्थिति साफ करते हुए पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने कहा, "एक पूर्व सैनिक हमारे पास आए थे। उन्होंने बताया कि यहां उनकी एक मुरब्बा (जमीन) है, जिस पर कुछ लोगों ने फर्जी पहचान बनाकर किसी और के नाम रजिस्ट्री करा ली है। इस मामले में कोतवाली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है। पूरी निष्पक्षता के साथ जांच पूरी होने के बाद, जो भी कानूनी कार्रवाई जरूरी होगी, वह की जाएगी।"