By अभिनय आकाश | Oct 27, 2025
पाक अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर और पड़ोसी देश अजरबैजान के साथ ट्रिपल मिलिट्री अलायंस करने जा रहा है। इसे गल्फ कैस्पियन डिफेंस एंड सिक्योरिटी अलायंस का नाम दिया गया है। सूत्रों के अनुसार अगले महीने दोहा में इस अलायंस की औपचारिक घोषणा होगी। पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर इन तीनों देशों के साथ संपर्क में हैं। ये अलायंस पाक-सऊदी अरब सैन्य करार के मॉडल पर आधारित होगा। यानी इसमें शामिल देश सैन्य गठजोड़ करेंगे और किसी भी देश पर हमले को साझा हमला मानकर जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान ने यूएई, कतर और अजरबैजान की सेना को ट्रेनिंग देने का भी ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि खाड़ी का एक अन्य देश बहरीन भी अलायंस में शामिल होना चाहता है। सितंबर में हुए सैन्य करार के बाद पाक सेना अपने ढाई हजार जवानों को सऊदी अरब भेज चुकी है।
सऊदी अरब भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ कोई मिलिट्री एक्शन नहीं लेगा। इसका सबसे बड़ा सबूत हाल ही में सऊदी अरब ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हुई जंग में दे दिया था। सऊदी अरब ने डिप्लोमेटिकली अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच दोस्ती करवाने की कोशिश की। लेकिन पाकिस्तान को साफ-साफ कह दिया कि तालिबान के हमलों से खुद ही निपटो। हमें बीच में घसीटने की कोई जरूरत नहीं है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को यह भी साफ कर दिया है कि भारत जैसे देश के खिलाफ मिलिट्री एक्शन का तो सवाल ही नहीं है। अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी अरब ने यह डिफेंस डील पाकिस्तान को बचाने या पाकिस्तान पर हमला करने वाले देश पर हमला करने के लिए नहीं की है बल्कि खुद को इजराइल से बचाने के लिए की है। इस डील का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि पाकिस्तान अपने 25,000 सैनिक सऊदी अरब के अलग-अलग इलाकों में तैनात करेगा। पाकिस्तान के 25,000 सैनिक सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए काम करेंगे।