By अभिनय आकाश | Oct 28, 2026
इजराइली चुनावों में पिछड़ रहे बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बहुत बड़ा चमत्कार हो रहा है। अचानक रुझान पलटते दिख रहे हैं। कई लोग लिख रहे हैं कि इस दीवार के पास बेंजामिन नेतन्याहू ने जो किया उसने चमत्कार कर दिया। नेतन्याहू ने यहां पर एक पर्ची छोड़ी। उस पर्ची में जो लिखा था वही शायद उन्हें जिता रहा है। मान्यता के मुताबिक पर्ची पर अपनी इच्छा लिखकर इस दीवार की दरारों में रखने से इच्छा पूरी हो जाती है और अब ताजा रुझानों को देखकर लग रहा है कि नेतन्याहू की इच्छा पूरी हो रही है। नेतन्याहूअपने प्रतिद्वंदी से बहुत आगे निकल रहे हैं। इस दीवार का राज क्या है और नेतन्याहू ने पर्ची में क्या लिखा था वो हम आपको बताते हैं। दरअसल यह है यरूशलम स्थित वेस्टर्न वॉल जो यहूदियों के लिए बेहद पवित्र है। प्राचीन काल में यहां यरूशलम में यहूदियों का एक बहुत ही भव्य और पवित्र मंदिर हुआ करता था जिसे सेकंड टेंपल कहा जाता था। रोमंस ने इस मंदिर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था। उस विनाश में पूरा मंदिर नष्ट हो गया, लेकिन यही पश्चिमी दीवार यानी वेस्टर्न वॉल बच गई। यह दीवार उसी मंदिर की आखिरी निशानी है। यहूदियों का मानना है कि यह दीवार कभी नष्ट नहीं हो सकती। अब इसी दीवार को छूने के बाद शुरुआती काउंटिंग में पिछड़ रहे ने नेतन्याहू अचानक आगे कैसे निकल गए हैं वो बताते हैं।
नेतन्याहू को हराने के लिए लाखों मुस्लिम घरों से निकलकर वोट डालने पहुंच गए। मुस्लिम वोटर्स को लाने के लिए बसों का इंतजाम तक कर दिया गया। इजराइल के मुस्लिम इलाकों में बंपर वोटिंग देखने को मिली। वोटिंग भी ऐसी कि 1999 के बाद पहली बार इजराइल में 77% बंपर वोटिंग हुई। लेकिन वेस्टर्न वॉल पर प्रार्थना करने वाले नेतन्याहू के साथ अचानक एक बड़ा चमत्कार हो गया। वेस्टर्न वॉल के सामने पर्ची पर नेतन्याहू ने जिन इजराइली सैनिकों के लिए संदेश लिखा था। शायद उन्हीं सैनिकों ने आखिरी वक्त में नेतन याहू को बंपर वोट दे दिए। अब रुझानों में नेतन्याहू का गठबंधन आगे निकल गया है। नेतन्याहू गठबंधन को 55 सीटें जबकि आइजन कोर्ट गठबंधन को 50 सीटें मिलने का अनुमान है। सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत है। इजराइल में सेना के जवानों के बीच 79.9% मतदान हुआ है। इजरायली सेना के मुताबिक 2022 के पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार इजरायली सैनिकों ने 6.2% ज्यादा वोट किया है। सोचिए जिन सैनिकों के लिएनेतन्याहू ने पर्ची पर संदेश लिखा था शायद उन्हीं सैनिकों के वोटों ने पूरा मामला पलट कर रख दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इजराइल के सैनिकों ने एक हफ्ता पहले ही वोट डालने शुरू कर दिए थे। यानी जिस दिन नेतन्याहू ने पर्ची लिखी और आम इजरायली वोट डाल रहे थे उससे पहले ही इजरायली सैनिक वोट डाल चुके थे। हैरानी की बात देखिए कि जब तक मुस्लिम इलाकों के वोटों की गिनती चल रही थी उस वक्त नेतन्याहू पीछे थे। मगर जैसे ही सैनिकों के वोटों की गिनती शुरू हुई तो नेतन्याहू आगे बढ़ते दिख रहे हैं। फाइनल नतीजे अभी तक नहीं आए हैं।