By अभिनय आकाश | Oct 07, 2025
आतंकी मुल्क पाकिस्तान में अब दहशतगर्दों का नया गठजोड़ पनप रहा है। आतंकवादी संगठनों, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) के बीच एक गुप्त गठबंधन, कथित तौर पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) द्वारा बलूचिस्तान में रचा गया है, जिससे इस्लामाबाद के चरमपंथी संगठनों के साथ बढ़ते गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर में बलूचिस्तान में आईएसकेपी के समन्वयक, मीर शफीक मेंगल, लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक को उपहार के रूप में एक पिस्तौल सौंपते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो आईएसआई के संरक्षण में दोनों समूहों के बीच औपचारिक समन्वय का संकेत देता है।
लश्कर-ए-तैयबा के वर्तमान नाज़िम-ए-आला, राणा मोहम्मद अशफ़ाक, पूरे पाकिस्तान में इस समूह के विस्तार, नए मरकज़ (प्रशिक्षण और प्रशिक्षण केंद्र) की स्थापना और अन्य चरमपंथी गुटों के साथ संचालनात्मक संबंध बनाने की देखरेख करते हैं। मेंगल के साथ उनकी नई उभरती छवि ने पाकिस्तान के बढ़ते आतंकी नेटवर्क को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। बलूचिस्तान के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री नासिर मेंगल के बेटे मीर शफीक मेंगल लंबे समय से आईएसआई के अहम सदस्य रहे हैं। एक दशक से भी ज़्यादा समय से, उन्होंने बलूच राष्ट्रवादियों को निशाना बनाने वाले एक निजी मौत दस्ते की कमान संभाली है।