By अभिनय आकाश | Jun 19, 2026
उद्धव गुट में ज़बरदस्त बगावत के बीच, आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को बागी सेना (UBT) सांसदों को बेशर्म, एहसान-फ़रामोश और भ्रष्ट बताया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने उन लोगों के साथ धोखा किया जिन्होंने 2024 में उन्हें जीत दिलाने में मदद की थी। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र इस गंदी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगा! उन्होंने कहा कि आपने बेशर्मी से खुद को बेच दिया है और अपनी इज़्ज़त व परिवार के नाम को दांव पर लगा दिया है। एक्स पर उन्होंने कहा कि एक बार फिर हम गंदी राजनीति का एक चौंकाने वाला उदाहरण देख रहे हैं। ये बेशर्म, एहसान-फरामोश और भ्रष्ट लोग जो 2024 में कुछ खास लोगों की वजह से जीते थे। अब उन्हीं को धोखा दे रहे हैं! आप चाहे कितने भी बहाने बना लें... सच तो बस एक ही है। आपने बेशर्मी से खुद को बेच दिया है। आपने न सिर्फ खुद को बेचा है, बल्कि अपनी इज़्ज़त, अपना नाम और अपने परिवार का नाम भी दांव पर लगा दिया है। महाराष्ट्र इस गंदी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगा। बिल्कुल नहीं! इस अंधेरे में जो रोशनी लाएगा, वह हमारी 'मशाल' ही होगी।
'ऑपरेशन टाइगर' शब्द का इस्तेमाल महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना द्वारा ठाकरे गुट के सांसदों को अपनी तरफ मिलाने की कथित कोशिशों के लिए किया जा रहा है। गौरतलब है कि अविभाजित शिवसेना का चुनाव चिह्न (मैस्कॉट) एक बाघ था, जिसे पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे ने बनाया था। महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने गुरुवार को दावा किया कि विपक्षी शिवसेना (UBT) के सांसदों में पिछले एक साल से असंतोष पनप रहा था और अब यह बात सामने आ गई है। पत्रकारों से बात करते हुए शिरसाट ने शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत पर निशाना साधा और उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी में आए संकट के लिए मुख्य रूप से उन्हें जिम्मेदार ठहराया। शिरसाट ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी का ऑपरेशन टाइगर से कोई लेना-देना नहीं है और यह शिवसेना (UBT) का अंदरूनी मामला है। उनकी यह टिप्पणी शिवसेना (UBT) के सांसदों को तोड़ने के ऑपरेशन के बारे में लगाई जा रही अटकलों के जवाब में आई थी।
शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सदस्यों में से छह सदस्य नई दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए। इससे संकेत मिलता है कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सत्ताधारी शिवसेना में उनके औपचारिक रूप से शामिल होने में बस कुछ ही समय की बात हो सकती है। बैठक में शिवसेना (UBT) के केवल तीन सांसद - अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे - शामिल हुए, साथ ही पार्टी के एकमात्र राज्यसभा सदस्य संजय राउत भी मौजूद थे।