By एकता | Sep 27, 2026
एशियाई खेलों में सिंगल्स स्क्वैश में भारत का गोल्ड मेडल का इंतजार अभी जारी रहेगा। मेंस और विमेंस दोनों के फाइनल मुकाबलों में अभय सिंह और अनाहत सिंह को हार का सामना करना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही दोनों लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। स्क्वैश लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में डेब्यू करेगा।
इस नतीजे के बाद अभय को सिल्वर मेडल मिला, लेकिन वह लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। पुरुष और महिला सिंगल्स के एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल विजेताओं को लॉस एंजिल्स ओलंपिक का क्वालिफिकेशन स्पॉट मिला।
28 वर्षीय अभय ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 11-3, 12-10, 11-6 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वह सौरव घोषाल के बाद एशियाई खेलों के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने।
2024 में अर्जुन पुरस्कार पाने वाले अभय अप्रैल 2026 में पीएसए रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ 22वें स्थान पर पहुंचे थे और वर्तमान में 26वें स्थान पर हैं।
वहीं, विमेंस स्क्वैश सिंगल्स के फाइनल में अनाहत सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। 18 साल की अनाहत को मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने 11-4, 11-4, 11-7 से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की अनाहत का सामना दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी शिवसंगरी से था।
वर्ल्ड जूनियर टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे के खिलाफ की गई वापसी जैसा प्रदर्शन फाइनल में नहीं कर पाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार अटैक करके उन पर दबाव बनाए रखा।
हार के बावजूद अनाहत के लिए यह एक यादगार टूर्नामेंट रहा। उन्होंने महान जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल से आगे निकलकर एशियाई खेलों के इतिहास में महिलाओं के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। इसके साथ ही उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।