Jadavpur University में पट्टिका तोड़ने पर ABVP ने SFI और RSF को जिम्मेदार ठहराया

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 21, 2026

(फाइल फोटो के साथ) कोलकाता, 21 अगस्त यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और एसएफआई के छात्र गुटों के बीच झड़प के एक दिन बाद शुक्रवार को एबीवीपी ने दावा किया कि जेयू के गेट पर नंदलाल बोस की बनाई ऐतिहासिक पट्टिका को तोड़ना ‘‘जानबूझकर किया गया कृत्य’’ था। एबीवीपी ने इसके लिए वामपंथी संगठनों स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट्स फ्रंट (आरएसएफ) को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि यह सब ‘‘विश्वविद्यालय की विरासत, संस्कृति और भारतीय सभ्यता के मूल्यों को कमजोर करने के इरादे से किया गया था।’’ एबीवीपी ने एक बयान में कहा, ‘‘यादवपुर विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक पट्टिका पर बनी कमल की पंखुड़ियां भारत की पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत का एक अहम हिस्सा हैं। अति-वामपंथी और नक्सली राजनीति ने ऐतिहासिक रूप से ऐसे प्रतीकों के प्रति दुश्मनी दिखाई है।

यादवपुर विश्वविद्यालय में भारतीय संस्कृति, विरासत और राष्ट्रवादी सोच के प्रतीकों को बार-बार विवादों में घसीटने की कोशिशें इस तरह की प्रवृत्ति का हिस्सा हैं। इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाना चाहिए।’’ एबीवीपी ने सवाल किया कि ऐतिहासिक पट्टिका कैसे टूटी? घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था?

वहां जमा लोगों को किसने उकसाया? और किसके कहने पर विश्वविद्यालय की विरासत को निशाना बनाया गया? आरएसएस से संबद्ध छात्र संगठन ने कहा, ‘‘इन सभी सवालों की निष्पक्ष जांच बहुत जरूरी है।

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