बवाल के बीच Adani Group ने जारी किया स्पष्टीकरण, अमेरिकी एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों को बताया निराधार

By अंकित सिंह | Nov 21, 2024

अमेरिकी अभियोजकों द्वारा अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी और अन्य भारतीय अधिकारियों पर कथित रिश्वत योजना में शामिल होने का आरोप लगाते हुए दायर आरोपों के जवाब में कंपनी की ओर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। अडानी समूह के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी न्याय विभाग और अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग द्वारा अडानी ग्रीन के निदेशकों के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और खंडन किए गए हैं। 

इसे भी पढ़ें: CM जेल चले जाते हैं... अडानी पर अटैक कर रहे थे और अचानक चली गई लाइट, PC के बीच राहुल गांधी को आ गई हंसी

इसमें आगे कहा गया है कि जैसा कि स्वयं अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है, "अभियोग में आरोप आरोप हैं और प्रतिवादियों को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि वे दोषी साबित न हो जाएं।" हरसंभव कानूनी सहारा लिया जाएगा। अदाणी के साथ जिन अन्य लोगों पर आरोप लगे हैं, उनमें उनके भतीजे और अडानी ग्रीन एनर्जी के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी और कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे विनीत जैन शामिल हैं। जैन 2020 से 2023 तक कंपनी के सीईओ थे और वह इसके निदेशक मंडल के प्रबंध निदेशक हैं। बासठ वर्षीय अदाणी पर बुधवार को प्रतिभूति धोखाधड़ी करने और उसकी साजिश रचने के आरोप लगाए गए। 

इसे भी पढ़ें: Adani मामले को लेकर गर्म हुई सियासत, भाजपा ने कांग्रेस को दिखाया आईना, रिपोर्ट की टाइमिंग पर भी खड़े किए सवाल

उनके खिलाफ दो मामले ब्रुकलीन की संघीय अदालत में दर्ज किए गए हैं। यह मामला अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और एक अन्य कंपनी के लिए भारत सरकार को 12 गीगावाट सौर ऊर्जा बेचने को लेकर अधिकारियों को रिश्वत देने से जुड़ा है। अभियोग में अदाणी और अन्य पर भारत में अरबों डॉलर के अनुबंध और वित्त पोषण हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को लगभग 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने या देने की योजना बनाने के आरोप हैं।

प्रमुख खबरें

चावल और Paddy Stock की हर शुक्रवार घोषणा अनिवार्य, केंद्र ने दक्षिणी राज्यों को दी सीमा तय करने की छूट

Chandrababu Naidu ने आंध्र प्रदेश में चक्रवात प्रभावित इलाकों का लिया जायजा, 37 करोड़ रुपये जारी

Semicon 2.0 में सिर्फ गंभीर कंपनियों को मौका, Ashwini Vaishnaw ने जारी की कड़ी चेतावनी

पाकिस्तान: Imaan Mazari ने 10 साल की सजा के खिलाफ Islamabad High Court में दायर की अपील