'आदि महोत्सव एक भारत-श्रेष्ठ भारत का स्वरूप', PM मोदी बोले- आदिवासी समाज से दुनिया को सीखने की जरूरत

By अंकित सिंह | Feb 16, 2023

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली की मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आदि महोत्सव की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आदि महोत्सव देश की व्यवस्था की पहचान है। उन्होंने कहा कि हाशिए पर पड़े लोगों को मुख्यधारा में हम लाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासियों को लेकर देश गौरव के साथ आगे बढ़ रहा है। आदिवासी जीवनसैली ने बहुत कुछ सिखाया है। यहां की परंपरा से भी हम बहुत कुछ सीखते हैं। आदि महोत्सव एक भारत-श्रेष्ठ भारत का स्वरूप है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह महोत्सव अब एक अभियान बन गया है। आदिवासी परंपरा को गौरव के साथ हम प्रस्तुत कर रहे हैं। साथ-साथ मोदी ने यह भी कहा है कि आदिवासी समाज से दुनिया को बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। 

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नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह महोत्सव विकास और विरासत के विचार को और अधिक जीवंत बना रहा है। जो पहले खुद को दूर-सुदूर समझता था अब सरकार उसके द्वार जा रही है, उसको मुख्यधारा में ला रही है। आदिवासी समाज का हित मेरे लिए व्यक्तिगत रिश्तों और भावनाओं का विषय है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का नया भारत 'सबका साथ सबका विकास' के दर्शन पर काम कर रहा है। सरकार उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिनसे लंबे समय से संपर्क नहीं हो पाया है। मोदी ने कहा कि मैंने देश के कोने कोने में आदिवासी समाज और परिवार के साथ अनेक सप्ताह बिताए हैं। मैंने आपकी परंपराओं को करीब से देखा भी है, उनसे सीखा भी है और उनको जिया भी है। आदिवासियों की जीवनशैली ने मुझे देश की विरासत और परंपराओं के बारे में बहुत कुछ सिखाया है। आपके बीच आकर मुझमें अपनों से जुड़ने का भाव आता है।

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