60 साल बाद इस देश का बड़ा ऐलान, रातों-रात बदली भारत की किस्मत!

By अभिनय आकाश | Apr 30, 2026

करीब 60 साल बाद एक देश ने ऐसा फैसला लिया है जिसने पूरी दुनिया में हलचल पैदा कर दी है। यह फैसला कई देशों की गुंडागर्दी खत्म कर देगा लेकिन भारत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा क्योंकि जिस देश ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है, वह भारत का बहुत बड़ा स्ट्रेटेजिक पार्टनर है। संयुक्त अरब अमीरात की जहां कुछ दिन पहले भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल मौजूद थे और अब इसी मुलाकात के कुछ घंटों बाद ही संयुक्त अरब अमीरात ने ऐलान किया है कि वह तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक प्लस से बाहर निकल रहा है। 1 मई 2026 से संयुक्त अरब अमीरात दुनिया भर में तेल के दामों और प्रोडक्शन को निर्धारित करने वाले ओपेक का सदस्य नहीं रहेगा। यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात की पूरी कैबिनेट 2 घंटों के लिए पीएम मोदी से मिलने आई थी।

इसे भी पढ़ें: UAE का मास्टरस्ट्रोक: अब Hormuz Strait को बायपास कर Fujairah से आएगा तेल, भारत की टेंशन खत्म

जानकारी के लिए बता दें कि ओपेक में सऊदी अरब के बाद संयुक्त अरब अमीरात ही सबसे ताकतवर सदस्य था। बहरहाल अब आपको बताते हैं कि संयुक्त अरब अमीरात के इस फैसले का फायदा किसे मिलने वाला है। दशकों तक ओपेक ने ऐसे कार्टेल की तरह काम किया जो एक कमरे में बैठकर तेल की सप्लाई को कंट्रोल करता रहा। कीमतों को मैनेज करता रहा और दुनिया को अपने हिसाब से ढलने पर मजबूर करता रहा। ओपेक ही यह तय करता था कि संयुक्त अरब अमीरात समेत बाकी सदस्य देश कितना तेल उत्पादन करेंगे और कितने में बेचेंगे। सब कुछ ऐसे ही चलता रहा। संयुक्त अरब अमीरात मुनाफा कमाने के लिए अपनी मर्जी से तेल प्रोडक्शन नहीं बढ़ा पा रहा था। लेकिन जब ईरान अमेरिका जंग में साथी मुस्लिम देशों ने धोखा दिया तो संयुक्त अरब अमीरात ने खुद को ओपेक की जंजीरों से आजाद करवा लिया। अब संयुक्त अरब अमीरात मन मुताबिक तेल प्रोडक्शन कर सकता है और बेच भी सकता है। जाहिर सी बात है कि भारत संयुक्त अरब अमीरात का सबसे बड़ा तेल इंपोर्टर बन सकता है। आपको बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात अपनी हबशान फुजेराह तेल पाइपलाइन के जरिए भारत तक जमकर तेल पहुंचा सकता है।

प्रमुख खबरें

Congo Plane Crash: दो शीर्ष सैन्य अधिकारियों समेत 14 की मौत, किकविट से किंशासा जा रहा था विमान

Asian Games मैराथन में Sawan Barwal ने 44 साल बाद भारत को दिलाया रजत पदक

Donald Trump से इस साल दो और बार मिल सकते हैं शी चिनफिंग, दिया चीन आने का न्योता

उत्तराखंड में Rajya Sabha Seat के लिए BJP ने शुरू की 24 नामों पर चर्चा