Ayodhya-Gyanvapi के बाद अब Bhojshala पर नज़रें, Supreme Court करेगा High Court के फैसले की समीक्षा

By अभिनय आकाश | Jul 13, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुस्लिम पक्ष की उन अपीलों पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिनमें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें धार जिले के विवादित भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर माना गया था। यह दशकों पुराने भोजशाला-कमल मौला मस्जिद विवाद का नया घटनाक्रम है। मुस्लिम अपीलकर्ताओं की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट हुज़ेफ़ा अहमदी और एडवोकेट निज़ाम पाशा ने जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच को बताया कि इस मामले पर तुरंत सुनवाई की ज़रूरत है।

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ASI के तहत संरक्षित इस जगह को हिंदू समुदाय देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर 'भोजशाला' मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी की इस इमारत को 'कमाल मौला मस्जिद' बताता है। हाई कोर्ट के फ़ैसले के बाद, मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। हिंदू पक्षों ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है, जिसमें मांग की गई है कि भोजशाला परिसर विवाद से जुड़ी किसी भी अपील पर उनकी बात सुने बिना कोई आदेश न दिया जाए। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लिस्ट होने का इंतज़ार कर रहा है, जहाँ मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट के फ़ैसले को चुनौती दी है, जबकि हिंदू पक्षों ने कोई भी आदेश पारित होने से पहले सुनवाई की मांग की है।

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