Football Player के बाद अब Taekwondo Expert Yumnam Khemchand संभालेंगे Manipur की कमान

By नीरज कुमार दुबे | Feb 04, 2026

एक फुटबाल खिलाड़ी के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो विशेषज्ञ मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने जा रहे हैं। हम आपको बता दें कि मणिपुर में भाजपा सरकार की कमान इससे पहले एन. बिरेन सिंह के हाथों में थी लेकिन लगभग साल भर के राष्ट्रपति शासन के बाद अब जब राज्य में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ है तब युमनाम खेमचंद सिंह को भाजपा और एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया है। आज राज्य की राजधानी इम्फाल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने मणिपुर में सरकार बनाने का दावा पेश किया। भाजपा की मणिपुर इकाई की अध्यक्ष ए. शारदा देवी ने बताया कि सिंह के नेतृत्व में राजग की एक टीम ने लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। भल्ला से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में चुराचंदपुर और फेरजॉल के कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक शामिल थे।


हम आपको बता दें कि खेमचंद सिंह की छवि एक अनुशासित, संतुलित और संवाद पर जोर देने वाले नेता की रही है। वह पारंपरिक दक्षिण कोरियाई ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने कम उम्र से ही मार्शल आर्ट्स का अभ्यास शुरू किया और पूर्वोत्तर भारत में ताइक्वांडो को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। असम और मणिपुर में ताइक्वांडो को बढ़ावा देने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।

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राजनीतिक जीवन में भी उनका अनुभव व्यापक रहा है। वह 2017 से सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले वह मणिपुर विधानसभा के स्पीकर (2017-2022) रह चुके हैं और बाद में राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होकर नगर प्रशासन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। प्रशासनिक समझ और संगठनात्मक क्षमता के कारण वह पार्टी के भीतर एक भरोसेमंद चेहरे माने जाते हैं।


खेमचंद सिंह ने हाल के समय में सामाजिक समरसता की दिशा में भी पहल की। वर्ष 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद उन्होंने कूकी-जो समुदाय के गांवों का दौरा कर संवाद की कोशिश की, जिसे एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया। इससे उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनी जो तनावग्रस्त हालात में भी संवाद और मेल-मिलाप का रास्ता अपनाने में विश्वास रखता है। भाजपा नेतृत्व द्वारा उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना जाना इस बात का संकेत है कि पार्टी राज्य में स्थिरता, संतुलन और शांति बहाली के लिए एक अनुभवी और स्वीकार्य चेहरे पर दांव लगा रही है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार सत्ता साझेदारी और सामंजस्य के जरिए राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में काम करेगी।


देखा जाये तो एक खिलाड़ी की अनुशासनप्रियता, एक मार्शल आर्ट्स गुरु का धैर्य और एक अनुभवी राजनेता की प्रशासनिक समझ, इन तीनों का मेल खेमचंद सिंह को मणिपुर के लिए एक अलग तरह का मुख्यमंत्री बनाता है। अब नजरें इस पर होंगी कि वह अपनी इस बहुआयामी पृष्ठभूमि को राज्य के शासन और शांति स्थापना में किस तरह ढालते हैं।


हम आपको बता दें कि 62 वर्षीय खेमचंद सिंह को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में हुई पार्टी विधायकों की बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में भाजपा के 37 विधायकों में से 35 विधायक के अलावा पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी सहित अन्य उपस्थित थे। किपगेन को नयी सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। भाजपा के दो विधायक अस्वस्थ होने के कारण बैठक में अनुपस्थित थे।


इसके बाद, मणिपुर भवन में एक और बैठक हुई, जिसमें मणिपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के विधायक उपस्थित थे। इनमें नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच और तीन निर्दलीय और भाजपा के विधायक थे। उन्होंने सिंह को राजग विधायक दल का नेता और किपगेन को उपनेता बनाए जाने का समर्थन किया। सूत्रों के अनुसार, एक नगा विधायक को दूसरा उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने का प्रस्ताव है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


हम आपको बता दें कि 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त होने से कुछ दिन पहले ये दोनों बैठकें आयोजित की गईं। पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष सत्यब्रत सिंह दोनों बैठकों में उपस्थित थे। मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। वर्तमान में, मणिपुर में भाजपा के 37 विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के 32 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। जनता दल (यूनाइटेड) ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। अन्य विधायकों में से छह नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से, पांच नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) से, पांच कांग्रेस से, दो कुकी पीपुल्स अलायंस से, एक जद (यू) से और तीन निर्दलीय हैं। मौजूदा विधायक का निधन हो जाने के कारण वर्तमान में एक सीट रिक्त है।


हम आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों में, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने मेइती और कुकी विधायकों, सहयोगी एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ कई दौर की बैठकें कीं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या राजनीतिक हालात सरकार के गठन के लिए अनुकूल है। 14 दिसंबर को, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन), बीएल संतोष और पार्टी नेता संबित पात्रा ने मेइती और कुकी समुदायों के भाजपा विधायकों से दिल्ली में मुलाकात की थी।


दूसरी ओर, मंगलवार शाम को इंफाल के सिंगजामेई इलाके में भाजपा विधायक वाई खेमचंद सिंह के घर पर सैकड़ों लोग जश्न मनाने के लिए उमड़ पड़े। शुभचिंतकों और समर्थकों ने उनके परिवार के सदस्यों को बधाई दी, पटाखे फोड़े और सड़कों पर नृत्य किया। वहीं विधायक दल के नवनिर्वाचित नेता वाई खेमचंद सिंह ने कहा है कि वह राज्य में सभी समुदायों के बीच सहानुभूति, करुणा और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। खेमचंद ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी और भाजपा के मणिपुर के सभी सम्मानित विधायकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे भाजपा विधायक दल का नेता चुनकर मुझ पर विश्वास जताया है।’’ उन्होंने कहा, “मैं सभी समुदायों के बीच सहानुभूति, करुणा और सद्भाव को बढ़ावा देने, हमारी विविधता का सम्मान करने और एकता को मजबूत करने के लिए समर्पित रहूंगा।”

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