By अंकित सिंह | Jul 17, 2026
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाक़ात की, जो वहां लगातार 20वें दिन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सुले ने वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र के दौरान NEET-UG छात्रों की चिंताओं को उठाया जाएगा। मुलाकात के बाद सुले ने कहा कि हम सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने का अनुरोध करने आए हैं। अगर कोई लड़ाई लड़नी है, तो हम सब मिलकर संसद में भी उसे लड़ेंगे। सोमवार से संसद का सत्र शुरू हो रहा है; हम NEET छात्रों की चिंताओं समेत इन सभी मुद्दों को उठाएंगे।
मुलाकात के बाद X पर एक पोस्ट में खेड़ा ने लिखा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना एक संवैधानिक अधिकार है। जब नागरिक अपनी बात रखने के लिए उपवास करते हैं, तो सरकार का फ़र्ज़ है कि वह उनकी बात सुने — न कि नज़रअंदाज़ करे। यही राजधर्म है। उन्होंने पिछली सरकारों का ज़िक्र करते हुए कहा कि 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने मतभेदों के बावजूद प्रदर्शनकारियों से बातचीत की थी।
गुरुवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव उन विपक्षी नेताओं में शामिल थे जिन्होंने वांगचुक से मुलाक़ात की और उनके प्रति एकजुटता ज़ाहिर की। 17 जुलाई को सुबह 9:30 बजे तक वांगचुक का स्वास्थ्य सूचकांक बताता है कि उनका वजन 56.55 किलोग्राम था, जो 24 घंटों में 350 ग्राम कम हो गया था। उनका रक्तचाप 108/68, रक्त शर्करा 70 मिलीग्राम/डेसीलीटर और नाड़ी दर 72 प्रति मिनट थी।
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