पंजाब के बाद अब मणिपुर में क्यों होने लगी चुनाव तारीखों में बदलाव की मांग? इस वजह से वोटिंग से परहेज कर सकते हैं मतदाता!

By अभिनय आकाश | Jan 20, 2022

पंजाब में सभी 117 विधानभा सीटों के लिए अब 14 फरवरी की बजाय 20 फरवरी को चुनाव होंगे। पंजाब सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों की मांग पर चुनाव आयोग ने ये फैसला लिया है। जिसका सभी ने स्वागत किया। लेकिन पंजाब के बाद अब राजनीतिक दल मणिपुर में भी चुनाव की तारीखों में बदलान की मांग निर्वाचन आयोग से कर रहे हैं। बता दें कि राज्य में दो चरणों में 27 फरवरी और 3 मार्च को मतदान होने हैं। 

कांग्रेस ने पहले ही भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को एक पत्र दिया है, जिसमें कहा गया है कि 27 फरवरी को रविवार है और उस दिन मतदान ईसाई समुदाय की धार्मिक भावना के खिलाफ है। आदिवासी समूहों और आदिवासी छात्र संघ की भी यही राय है। मणिपुर पीसीसी के प्रवक्ता, एआईसीसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, निंगोम्बम बुपेंडा मेइतेई ने कहा कि रविवार एक पवित्र दिन है क्योंकि ईसाइयों को अपने चर्च जाना है। हमने इस तारीख में बदलाव को लेकर विचार करने के लिए चुनाव आयोग को लिखा है। रविवार को छोड़कर कोई भी दिन ठीक है। उन्होंने पंजाब में तारीख बदल दी है और आशा है कि वे मणिपुर को लेकर भी ऐसा निर्णय लेंगे। 

इसे भी पढ़ें: मणिपुर विधानसभा चुनावों में इस बार किन मुद्दों पर वोट डालने जा रही है जनता ?

मणिपुर में ईसाई आबादी 41.29 फीसदी  

मुख्य रूप से मणिपुर के एक बड़े हिस्से को कवर करने वाले आदिवासी ज्यादातर ईसाई हैं। कांग्रेस से पहले, पिछले सोमवार को, ईसाई समुदाय ने भी तारीखों को फिर से निर्धारित करने के लिए चुनाव आयोग से संपर्क किया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव देवेन लैंगपोकलाकपम ने भी कहा है कि हम चुनाव आयोग से इस पर पुनर्विचार करने का भी अनुरोध करेंगे। गौरतलब है कि मणिपुर के 30 लाख लोगों में ईसाई आबादी 41.29 फीसदी है, जिसमें से 41.39 फीसदी हिंदू और 8.40 फीसदी मुस्लिम समुदाय से हैं। 

प्रमुख खबरें

Crude Oil में गिरावट के बीच Sensex 1385 अंक उछला, Nifty पहुंचा 24344 के पार

Delhi में लगातार चौथे दिन हवा बहुत खराब, AQI 368 और PM2.5 बना मुख्य प्रदूषक

परविंदर झोटा की पत्नी को ₹2 करोड़ और सरकारी नौकरी, Joint Action Committee का धरना खत्म

BCCI ने घोषित किया WPL 2027 शेड्यूल, मुंबई के CCI मैदान पर होगा फाइनल मुकाबला