इन पांच तारीखों पर पता चलेगी घाटी के मन की बात

By अनुराग गुप्ता | Aug 08, 2019

श्रीनगर। अनुच्छेद 370 के कई प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटने के बाद अभी भी घाटी में कर्फ्यू लगा हुआ है। कश्मीर का मन क्या है इसका पता तो उस वक्त चलेगा जब वहां से कर्फ्यू हटाया जाएगा। लेकिन सरकार के लिए आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं क्योंकि अगले एक हफ्ते में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम होने वाले हैं जिसके चलते जम्मू कश्मीर से कर्फ्यू हटाना पड़ेगा।

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तारीख 9 अगस्त

9 अगस्त को जुमे की नामाज का दिन है और अभी घाटी में कर्फ्यू लगा हुआ है। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि पहले के दिनों में अक्सर जुमे की नामाज के बात घाटी के नौजवान सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए पथराव करते हुए देखे गए हैं। लेकिन अब मामला बदल गया है और वहां पर धारा 370 समाप्त हो गई है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जुमे की नामाज के बाद घाटी का माहौल कैसा रहने वाला हैं। 

तारीख 12 अगस्त

ईद-उल-अजहा यानी बकरीद 12 अगस्त, 2019 को देशभर में मनाई जाएगी और यह दिन घाटी के लिए भी खास है क्योंकि घाटी में मुस्लिम बहुल आबादी है। लेकिन कर्फ्यू की वजह से घाटी में बाजार नहीं लग पाए हैं। सवाल यही है कि बाजार खुलेंगे भी या नहीं?  

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तारीख 13 अगस्त

बीते कई वर्षों से देखा जा रहा है कि पाकिस्तान अपने स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व पाक अधिकृत कश्मीर में कार्यक्रम को आयोजित करता है और इस कार्यक्रम में वह भारत विरोधी बातों पर जोर देता आया है।

तारीख 14 अगस्त

14 अगस्त को पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता हैं और धारा 370 के समाप्त हो जाने के बाद से कश्मीर को लेकर ज्यादा ही दिलचस्पी दिखा रहा है। आपको बता दें कि पाकिस्तान ने कहा है कि इस बार स्वतंत्रता दिवस वह कश्मीरी भाईयों के लिए मनाएंगे।

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तारीफ 15 अगस्त

15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले में तिरंगा फहराएंगे और देश के नाम संबोधन देंगे। लेकिन आज यानी की 8 अगस्त को वह घाटी के लोगों को संबोधित कर सकते हैं और उन्हें आश्वास्त करेंगे कि उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। अब घाटी विकास की दिशा की तरफ आगे बढ़ गया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की सभी 4 हजार पंचायतों और गांवों में तिरंगा फहराए जाने की घोषणा की थी।

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