By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 19, 2023
भारत और रूस ने अपने आर्थिक संबंधों को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए मंगलवार को व्यापार घाटे और बाजार पहुंच जैसे मुद्दों पर काम करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने भारत-रूस व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर गठित अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) की बैठक के दौरान आर्थिक संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और रूस के उप प्रधानमंत्री और व्यापार एवं उद्योग मंत्री डेनिस मांतुरोव ने की।
इससे एक दिन पहले ही जयशंकर ने रूस के साथ भारत के व्यापार असंतुलन पर तत्काल चर्चा करने की जरूरत बताई थी। जयशंकर ने सोमवार को भारत-रूस व्यापार वार्ता को संबोधित करते हुए मांतुरोव की मौजूदगी में ही कहा था कि व्यापार असंतुलन का समाधान खोजने का वास्तव में मतलब बाजार पहुंच के मुद्दों, गैर-तटकरबाधाओं और भुगतान या लॉजिस्टिक से संबंधित गतिरोधों पर बात करना है। जयशंकर ने कहा कि भारत-रूस व्यापार अप्रैल, 2022 से फरवरी, 2023 के बीच लगभग 45 अरब डॉलर का रहा। भारत का रूस के साथ व्यापार घाटा छूट पर भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदने के बाद उल्लेखनीय रूप से बढ़ गया।