Ajit Doval और Wang Yi सीमा विवाद सुलझाने पर सहमत, बीजिंग में हुई 25वें दौर की वार्ता

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 26, 2026

के जे एम वर्मा बीजिंग, 26 अगस्त भारत और चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में हुई बातचीत के दौरान सीमांकन और सीमा प्रबंधन के संबंध में ‘‘शीघ्र एवं ठोस नतीजे’’ हासिल करने के लिए वार्ता आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी। इससे एक दिन पहले डोभाल और वांग ने बीजिंग में सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) की 25वें दौर की वार्ता की थी।

बयान में कहा गया, ‘‘दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि जमीनी स्तर पर उत्पन्न किसी भी स्थिति से भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी), स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकों और अन्य सहमत तंत्र समेत मौजूदा राजनयिक एवं सैन्य माध्यमों के जरिए तुरंत निपटा जाएगा ताकि लंबित मुद्दों का समाधान किया जा सके तथा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गलतफहमी और गलत आकलन से बचा जा सके।’’ इसमें कहा गया कि दोनों पक्षों ने बेहतर सीमा प्रबंधन के लिए उचित क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर समझ बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की। बयान में कहा गया, ‘‘सीमा प्रबंधन उपायों में सुधार के उद्देश्य से जनरल स्तर की व्यवस्था/वरिष्ठतम सैन्य कमांडर बैठक (एसएचएमसी) के लिए दो अतिरिक्त बैठक स्थलों पर सहमति बनी। इसी तरह पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में सीमा पर सैन्य हॉटलाइन के दो अतिरिक्त माध्यम स्थापित करने पर भी सहमति जताई गई।’’ दोनों पक्ष सितंबर में सीमा पार नदियों पर भारत-चीन विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र की अगली बैठक आयोजित करने और जल विज्ञान संबंधी आंकड़े साझा करने तथा संबंधित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के नवीनीकरण समेत विभिन्न मुद्दों पर संपर्क बनाए रखने पर भी सहमत हुए।

भारत और चीन ने सीमा पार नदियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए 2006 में विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र (ईएलएम) की स्थापना की थी। इसके तहत चीन बाढ़ के मौसम में भारत को ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदियों से संबंधित जल विज्ञान आंकड़े उपलब्ध कराता है। दोनों पक्षों की ओर से जारी बयान में सीमा पार सहयोग में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया गया।

इसमें कहा गया, ‘‘भारतीय पक्ष ने चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में भारतीयों की आधिकारिक कैलाश मानसरोवर यात्रा (केएमवाई) के जत्थों की संख्या बढ़ाने के लिए चीनी पक्ष द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।’’ बयान में कहा गया, ‘‘दोनों पक्षों ने तीन निर्धारित सीमा व्यापार केंद्रों को फिर से खोले जाने की सराहना की। दोनों पक्ष सीमा व्यापार, तीर्थयात्रा और अन्य क्षेत्रों में आदान-प्रदान एवं सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में संवाद, शांति, परामर्श और सहयोग का माहौल बनाने के लिए मिलकर काम किया जा सके।’’ इसमें कहा गया कि दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नेताओं से मिले मार्गदर्शन का पालन करने, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने और द्विपक्षीय संबंधों के स्वस्थ एवं स्थिर विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्ष विशेष प्रतिनिधियों की 26वें दौर की वार्ता 2027 में भारत में आयोजित करने पर सहमत हुए।

डोभाल और वांग सीमा वार्ता तंत्र के लिए अपने-अपने देशों के विशेष प्रतिनिधि हैं। भारत-चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा से जुड़े विवाद से व्यापक रूप से निपटने के लिए 2003 में इस तंत्र की स्थापना की गई थी। यह तंत्र सीमा विवाद का समाधान करने में अब तक सफल नहीं हो पाया है लेकिन दोनों देशों के अधिकारी इसे विभिन्न मोर्चों पर भारत और चीन के बीच समय-समय पर पैदा होने वाले तनाव से निपटने के लिए एक उपयोगी व्यवस्थित तंत्र मानते हैं।

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