By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 07, 2026
कोलकाता, सात अक्टूबर आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और नाओदा के विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को राजनीति से सन्यास लेने का संकेत देते हुए दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा जीत जाएगी क्योंकि उसने ‘‘जनादेश लूटा है।’’ कबीर को एक दिन पहले रेजीगनर उपचुनाव के दौरान पुलिस के साथ कहासुनी के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। करीब 12 घंटे हिरासत में रखे जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले कबीर ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पद पर रहेंगे, वह राज्य विधानसभा में नहीं जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक व्यवस्था, और उनके साथ किए गए व्यवहार से निराश हो चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगा। इस तरह की लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्य सरकार के खिलाफ लड़ना संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि वह नाओदा की जनता के लिए काम करते रहेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि उनके विधानसभा से दूर रहने के फैसले के बावजूद क्षेत्र में जन सेवा जारी रहे।
एजेयूपी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि वह विधानसभा की किसी कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे जिसमें अल्पसंख्यक मामलों की समिति, सदन की समितियों, कार्य मंत्रणा समिति की बैठक, सर्वदलीय बैठक और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई बैठक शामिल हैं। कबीर ने कहा, ‘‘मेरे लिए विधानसभा में आरक्षित सीट खाली रहेगी।’’ उन्होंने कहा कि वह अपनी विधानसभा सदस्यता छोड़ें या नहीं, इस बारे में फैसला करने से पहले जनता की राय लेंगे। एजेयूपी प्रमुख की यह टिप्पणी रेजीनगर में मंगलवार को हुए मतदान के दौरान विवाद के एक दिन बाद आई है।
कबीर को उनके पार्टी कार्यालय के बाहर पुलिस के साथ झड़प के बाद गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उन पर मतदान करने के बाद गाली-गलौच वाली का इस्तेमाल करने, मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश करने और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया था। कबीर ने आरोप लगाया कि चुनाव की ‘‘चोरी’’ के लिए पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार हैं।
कबीर के इस बयान से रेजीनगर में पहले से ही चर्चित उपचुनाव में एक और नया मोड़ आ गया है। यह अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जहां कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद एजेयूपी के उम्मीदवार के रूप में उपचुनाव लड़ रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कबीर ने नाओदा और रेजीनगर, दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी।
नियमों के तहत उन्होंने रेजीनगर सीट खाली कर दी थी, जिसके कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा। कबीर एक दिन पहले पार्टी कार्यालय के बाहर आक्रामक तेवर में नजर आए नेता से बिल्कुल अलग दिखाई दिए। उन्होंने नम आंखों से पत्रकारों से बातचीत में पुलिस-प्रशासन पर निशाना साधा तथा आरोप लगाया कि रेजीनगर में चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही।
कबीर ने दावा किया, ‘‘रेजीनगर में भाजपा जीतेगी।’’ उन्होंने इसके लिए मतदान के दौरान प्रशासन की कथित भूमिका को जिम्मेदार ठहराया। रेजीनगर और नंदीग्राम में हुए उपचुनाव को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के लिए शुरुआती चुनावी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों सीटों पर मतगणना नौ अक्टूबर को होगी।