अकबर सिर्फ महान ही नहीं क्रूरता भी करता था, इतिहास को न्यूट्रल ढंग से पेश करने की पहल, जो कोई नहीं कर सका मोदी ने कर दिखाया

By अभिनय आकाश | Jul 17, 2025

अब तक इस देश की किताबों में अकबर-बाबर को महान दिखाया जाता था और पढ़ाया जाता था। हमारे देश का जो असल इतिहास था वो कहीं न कहीं मुगलों के टाइमपीरियड से दवा दिया गया। यही इतिहास इस देश का बना दिया गया। लेकिन अब एनसीईआरटी ने अपनी किताबों में कुछ बदलाव किए हैं। एनसीईआरटी ने कहा है कि इन्होंने जो अच्छे काम किए हैं वो भी पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही मुगलों ने जो क्रूरता की है वो भी पढ़ाया जाएगा। यानी अकबर सिर्फ महान ही नहीं बताया जाएगा। अब ये भी बताया जाएगा कि महिलाओं को जजिया टैक्स इस देश में देना पड़ता था। लेकिन अब इसको लेकर नया विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्ष की राजनीतिक पार्टियां सरकार को इस पर घेर रही हैं और कह रही हैं कि इस तरह के फैसले गलत हैं। 

भारतीय विरासत और लोकाचार की झलक

नई किताब में भारतीय विरासत और लोकाचार में मजबूत जड़ें की झलक भी दी गई है। भारतीय इतिहास के मुश्किल समय के बारे में बताया गया है। रानी दुर्गावती 16वीं शताब्दी की शासक थीं। उन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ अपने राज्य की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी और भारतीय इतिहास में एक बहादुर योद्धा के रूप में जानी जाती हैं। किताब के एक चैप्टर में रानी दुर्गावती के बारे में बताया गया है। यह किताब छात्रों को दिल्ली सल्तनत, मुगलों, मराठों और औपनिवेशिक युग से परिचित कराती है। 

इसे भी पढ़ें: 'पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया जाए, ऑपरेशन सिंदूर जारी रहना चाहिए', ओवैसी की केंद्र सरकार से मांग

अकबर क्रूरता और सहिष्णुता का मिश्रण 

एनसीईआरटी की किताब में अकबर के शासनकाल को विभिन्न धर्मों के प्रति क्रूरता और सहिष्णुता का मिश्रण बताया गया है। चित्तौड़गढ़ की घेराबंदी के बाद अकबर को लगभग 30,000 नागरिकों के नरसंहार का आदेश देने वाला बताया गया है। किताब में जजिया का जिक्र किया गया है, जिसे कुछ सुल्तानों ने गैर-मुस्लिम प्रजा पर सैन्य कार्रवाई से सुरक्षा और छूट देने के लिए लगाया था। इसमें कहा गया है कि यह कर सार्वजनिक अपमान का कारण था और प्रजा को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए एक वित्तीय एवं सामाजिक प्रोत्साहन देता था।

प्रमुख खबरें

El Clásico में Barcelona का दबदबा, Real Madrid को 2-0 से रौंदकर जीता La Liga खिताब

India में Grandmaster बनना क्यों हुआ इतना महंगा? Chess के लिए लाखों का कर्ज, बिक रहे घर-बार

Britain की पहली Sikh Rugby Player का नया दांव, अब Sumo रिंग में इतिहास रचने को तैयार

Global Tension के बीच SBI का दावा, पटरी से नहीं उतरेगी Indian Economy की रफ़्तार