'ब्राह्मण का संकल्प, अखिलेश ही विकल्प' की चौतरफा लगी होर्डिंग, हाथ में फरसा लेकर सपा प्रमुख ने की वोटर्स को साधने की कोशिश

By अनुराग गुप्ता | Jan 03, 2022

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा से नाराज चल रहे ब्राह्मणों को साधने के लिए नया दांव खेल दिया है। आपको बता दें कि अखिलेश यादव ने रविवार को गोसाईगंज के पास स्थित महुराकलां गांव में नवनिर्मित भगवान परशुराम की मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर में पूजा अर्चना की और ब्राह्मणों को साधने की अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए दसवें चरण की समाजवादी विजय यात्रा की शुरुआत की। 

इसे भी पढ़ें: भाजपा सिर्फ विकास की ही नहीं अल्पसंख्यकों की भी दुश्मन: अखिलेश यादव 

राजनीतिक हवा बनाने में सक्षण है ब्राह्मण समाजउत्तर प्रदेश की गद्दी को लंबे समय तक ब्राह्मणों ने चलाया है लेकिन फिर यह महज वोट बैंक बनकर रह गए। साल 1989 तक यहां ब्राह्मणों का वर्चस्व कायम था लेकिन फिर सत्ता इनके हाथों से चली गई और तमाम दल इन्हें वोट बैंक समझने लगे और अपने पाले में लाने की कोशिशों में भी जुट गए। उत्तर प्रदेश में 8 से 10 फीसदी वोट ब्राह्मण समाज के ही माने जाते हैं। इतना ही नहीं ब्राह्मण समाज के लोग राजनीतिक हवा बनाने में भी माहिर हैं। ऐसे में न सिर्फ समाजवादी पार्टी बल्कि हर एक दल ने उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश की है। तभी तो सबसे पहले बसपा ने अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन किया था। इतना ही नहीं पिछले विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण एकजुट हो गए थे और उन्होंने भाजपा को वोट दिया था, जिसकी बदौलत भाजपा सत्ता में आई। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार ब्राह्मणों को कौन साध पाता है।

प्रमुख खबरें

Womens Reservation Bill | महिला आरक्षण संशोधन विधेयक, संसद में आज होगा मत विभाजन, पीएम मोदी की विपक्ष से सर्वसम्मति की अपील

Ghaziabad: Delhi-Meerut Expressway पर भीषण सड़क हादसा, थार को टेम्पो ट्रैवलर ने मारी टक्कर, 3 की मौत

हवा में महल बनाना, Iran ने Donald Trump के मुफ्त तेल और जीत के दावे का उड़ाया मजाक, कह डाली अमेरिका को चुभने वाली बात

Iran के साथ शांति समझौता हुआ तो Pakistan जाएंगे Donald Trump, न्यूक्लियर डस्ट लौटाने पर भी बनी सहमति