By अभिनय आकाश | Jul 06, 2023
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने भारत के विधि आयोग को पत्र लिखकर यूसीसी के प्रति अपना विरोध दोहराया और रेखांकित किया कि बहुसंख्यकवादी नैतिकता को अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता और अधिकारों पर हावी नहीं होना चाहिए। एआईएमपीएलबी ने 100 पन्नों के ज्ञापन में विधि आयोग को लिखा कि बहुसंख्यकवादी नैतिकता को एक कोड के नाम पर व्यक्तिगत कानून, धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों का हनन नहीं करना चाहिए, जो एक पहेली बनी हुई है।
बता दें कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के मुद्दे पर लॉ कमिशन ने एक बार फिर कंसल्टेशन पेपर जारी करने का फैसला किया है। कमिशन ने यूनिफॉर्म सिविल कोड पर पब्लिक और धार्मिक संस्थानों से राय मांगी है। जो लोग राय देना चाहते हैं, 30 दिनों में membersecretary-. Ici@gov.in पर विचार भेज सकते हैं। जरूरत पड़ी तो लॉ कमिशन किसी व्यक्ति या संस्थान को निजी तौर पर सुनवाई के लिए बुला सकता है।