By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 12, 2026
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक सरकारी कर्मचारी की मातृत्व अवकाश प्रदान करने के अनुरोध वाली रिट याचिका खारिज करते हुए कहा कि नियमों के तहत उन्हें चौथे बच्चे के लिए अवकाश का लाभ नहीं दिया जा सकता। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने इस आधार पर याचिका का विरोध किया कि नियम के मुताबिक याचिकाकर्ता चौथे बच्चे के लिए किसी तरह के मातृत्व अवकाश के लिए पात्र नहीं है इसलिए कोई हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है और यह याचिका खारिज किए जाने योग्य है। राज्य सरकार के वकील का बयान रिकॉर्ड में दर्ज करते हुए न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सात अगस्त को पारित अपने आदेश में कहा कि उक्त कथन को देखते हुए इस अदालत द्वारा किसी तरह के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
याचिकाकर्ता के वकील की दलील थी कि याचिकाकर्ता ने अन्य तीन बच्चों के जन्म पर किसी तरह का अवकाश नहीं लिया था और वह चौथे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश का लाभ लेने की पात्र है क्योंकि वह पहली बार यह लाभ लेने जा रही है। हालांकि, राज्य सरकार के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता पहले मातृत्व अवकाश का लाभ ले चुकी है।