समिट बिल्डिंग Cyber Fraud: 119 आरोपियों की गिरफ्तारी Allahabad HC से वैध करार

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 16, 2026

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने विभूति खंड स्थित समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर कथित फर्जी साइबर कॉल सेंटर से पकड़े गए 119 लोगों की गिरफ्तारी को वैध माना है और कहा कि गिरफ्तारी में कुछ प्रक्रियात्मक कमियां होने मात्र से उसे अवैध नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति बबिता रानी की पीठ ने मंगलवार को 14 आरोपियों की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि आरोपियो को गिरफ्तारी के आधार और कारण बरामदगी मेमो के माध्यम से बताए गए थे और उसकी प्रति भी दी गई थी। मामला 30 जून 2026 की रात का है।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें 24 घंटे से अधिक समय तक अवैध हिरासत में रखा गया और गिरफ्तारी के आधार की जानकारी नहीं दी गई। अदालत ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया। पीठ ने कहा कि पुलिस ने एक जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की और दो जुलाई को सभी आरोपियो को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।

परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना देने के मामले में अदालत ने माना कि पुलिस ने फोन के जरिए सूचना दी थी, हालांकि अभिलेख में इसकी प्रविष्टि नहीं की गई। इसे प्रक्रियात्मक कमी मानते हुए पीठ ने कहा कि ऐसी कमी पूरी गिरफ्तारी को अवैध नहीं बनाती। अदालत ने कहा कि कानून तकनीकी अनुपालन की बजाय पर्याप्त अनुपालन को प्राथमिकता देता है।

मामले की परिस्थितियों में गिरफ्तारी मेमो से जुड़ी कमियों को महज अनियमितता माना जाएगा, ऐसी अवैधता नहीं जिससे गिरफ्तारी और न्यायिक रिमांड निरस्त हो जाए।

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