गुजरात चुनाव: रूपाणी और नितिन पटेल के सियासी सफर का करीब-करीब अंत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 12, 2022

गुजरात में अगले महीने होने जा रहे विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ने से ‘इनकार’ करने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उनकी सरकार के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल के सियासी सफर का करीब-करीब अंत हो गया है। गुजरात की राजनीति में तीन दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहे इन दोनों नेताओं के चुनाव नहीं लड़ने का कारण यह बताया गया कि वे अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

रूपाणी (66) फिलहाल राजकोट (पश्चिम) से विधायक हैं और वह अगस्त 2016 से सितंबर 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। म्यांमा से आकर राजकोट में बसने वाले जैन परिवार से ताल्लुक रखने वाले रूपणीराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे संबद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे। रूपाणी को 1987 में राजकोट नगर निगम का पार्षद चुना गया था और वह 1996 से 1997 तक शहर के मेयर पद पर रहे।

बाद में उन्हें गुजरात भाजपा का महासचिव बनाया गया। रूपाणी की ही उम्र के नितिन दो बार मुख्यमंत्री की कुर्सी के काफी करीब पहुंच गये, लेकिन शीर्ष पद उन्हें नहीं मिल सका। 2016 में आनंदीबेन पटेल के मुख्यमंत्री पद से हटने और फिर 2021 में रूपाणी के इस्तीफे के बाद, दोनों बाद नितिन पटेल मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार के रूप में उभरे।

मेहसाणा के एक संपन्न परिवार से संबंधित पटेल ने अपना सियासी सफर 1977 में कडी नगर पालिका के पार्षद के रूप में शुरू किया। 1990 में वह कडी सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक बने। उन्होंने इस सीट से चार बार विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया। पटेल 1995 में स्वास्थ्य मंत्री और 2016 में रूपाणी सरकार में उपमुख्यमंत्री बने। इसके बाद 2017 के चुनाव के बाद वह दोबारा उपमुख्यमंत्री बने।

प्रमुख खबरें

Delhi Police ने 2021 के मर्डर केस में भगोड़ा हरीश उर्फ पिलुआ पकड़ा

न्यूयॉर्क में ICE अधिकारियों की कार्रवाई, कार से टक्कर मारने वाले व्यक्ति पर चलाई गोली

Lilavati Hospital Trust वित्तीय धोखाधड़ी मामला: Mumbai Sessions Court ने FIR के आदेश को सही ठहराया

Ranchi T20: Shai Hope के नाबाद शतक से जीता West Indies, सीरीज 1-1 से बराबर