Iran में असहज शांति के बीच कट्टरपंथी मौलवी ने प्रदर्शनकारियों के लिए मृत्युदंड की मांग की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 17, 2026

ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शनों और उनके खूनी दमन के बाद हालात भले ही असहज शांति की ओर लौटते दिखे हों, लेकिन इस्लामिक गणराज्य में सत्ता प्रतिष्ठान के भीतर व्याप्त गुस्सा अब भी साफ नजर आ रहा है।

बहरहाल, ट्रंप ने अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते हुए ईरान के नेतृत्व कोहिरासत में लिए गए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को फांसी न देने के लिए धन्यवाद दिया। इसे इस बात के संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन संभावित सैन्य कार्रवाई से पीछे हट सकता है।

ईरान की खराब अर्थव्यवस्था के खिलाफ 28 दिसंबर को शुरू हुए प्रदर्शन धीरे-धीरे देश की धार्मिक सत्ता को चुनौती देने लगे। प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत की खबरों के बीच फिलहाल तेहरान में प्रदर्शन थम गए हैं। हालांकि, इंटरनेट सेवा अब भी बंद है।

अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, मृतकों की संख्या 3,090 तक पहुंच चुकी है, जबकि ईरान सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।

इस बीच, कट्टरपंथी मौलवी अयातुल्ला अहमद खातमी ने नमाज के लिए एकत्रित लोगों को दिए अपने उपदेश में नारे लगाने के लिए प्रेरित किया जिनमें से एक नारा था कि ‘‘सशस्त्र पाखंडियों को मौत के घाट उतार दिया जाए।’’

ईरान के सरकारी रेडियो ने इस उपदेश का प्रसारण किया। खातमी ने प्रदर्शनकारियों को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ‘‘गुलाम’’ और ‘‘ट्रंप के सैनिक’’ बताया। वहीं, ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने अमेरिका से हस्तक्षेप का वादा निभाने की अपील की और ईरानियों से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

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