आत्मनिर्भर Ladakh की ओर बढ़ते कदम! Amit Shah ने करगिल में 10,000 लीटर क्षमता वाले डेयरी संयंत्र की रखी आधारशिला

By रेनू तिवारी | May 01, 2026

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में श्वेत क्रांति (White Revolution) को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को करगिल में 10,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले एक आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण संयंत्र की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत शुरू की गई यह परियोजना लद्दाख के दुर्गम क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।

यह परियोजना मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) के तहत लागू की जा रही है, जिसमें 12.74 करोड़ रुपये का अनुदान, 10 करोड़ रुपये की सहायता राष्ट्रीय डेयरी विकास फाउंडेशन से और शेष राशि एलयूटीडीसीएफ फंड के माध्यम से (हिमाचल प्रदेश प्रशासन के जरिये) उपलब्ध कराई जा रही है। यह संयंत्र 350 किलोवाट सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली पर चलेगा जिससे ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में स्वच्छ तथा टिकाऊ संचालन सुनिश्चित होगा।

दूध संग्रह के लिए आधुनिक मोबाइल ‘मिल्क कलेक्शन’ एवं ‘कूलिंग सिस्टम’ स्थापित किया जाएगा जिससे किसानों से सीधे दूध संग्रह, गुणवत्ता संरक्षण और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने कहा कि ये कदम लद्दाख के डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण, किसानों की आय बढ़ाने और खरीद प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं। साथ ही बिजली से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने, दूध संग्रह को सुव्यवस्थित करने और किसानों को समय पर डिजिटल भुगतान सुनिश्चित करने के उपाय भी किए गए हैं। भारतीय सेना के साथ नियमित दूध आपूर्ति व्यवस्था से इस क्षेत्र में डेयरी गतिविधियों को स्थिर बाजार मिला है जिससे संचालन की विश्वसनीयता बढ़ी है।

डिजिटल सुधारों के तहत एआई आधारित निगरानी प्रणाली, मोबाइल दूध संग्रह इकाइयां और जलवायु अनुकूल शीतलन समाधान लागू किए गए हैं ताकि गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। इन पहलों का असर अब दिखने लगा है। एक गांव के 74 किसानों से शुरू होकर अब यह नेटवर्क करीब 1,700 किसानों तक पहुंच गया है। दैनिक दूध संग्रह लगभग 7,000 लीटर तक पहुंच गया है और किसानों को कुल भुगतान 15 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। यह सौर ऊर्जा आधारित संयंत्र हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ देगा, उनकी आय बढ़ाएगा और स्थानीय कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगा।

अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल प्रयोगशालाओं की तैनाती, कोल्ड चेन नेटवर्क का विस्तार और डिजिटल ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम (एएमसीएस) को अपनाने जैसे कदम भी जारी हैं जिससे दक्षता बढ़ेगी। इसके अलावा पनीर और दही जैसे उत्पादों के जरिये मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मदर डेयरी, सफल और धारा जैसे ब्रांडों के साथ साझेदारी कर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने की योजना है। यह कार्यक्रम सहकारी ढांचे के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसानों को सम्मानित करने के साथ-साथ ग्रामीण विकास, आय स्थिरता एवं जीवन स्तर सुधार की दिशा में एक व्यापक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है जो ‘आत्मनिर्भर लद्दाख’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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