संसद में लालू पर बरसे अमित शाह, कहा- गोधरा ट्रेन हादसे को साजिश नहीं बल्कि दुर्घटना बताने की थी कोशिश की

By अंकित सिंह | Apr 07, 2022

नयी दिल्ली। संसद का बजट सत्र चल रहा था। हालांकि इसी दौरान गोधरा कांड का नाम सामने आ गया। अब सवाल ये है कि वर्ष 2002 की घटना का जिक्र आखिरकार अचानक क्यों हुआ? भाजपा सांसद बृजलाल ने आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक पर एक बहस के दौरान गोधरा मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने इस घटना की जांच के लिए सितंबर 2004 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा यूसी बनर्जी आयोग के गठन पर सवाल उठाया। लाल ने कहा कि साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में 27 फरवरी 2002 को आग लगा दी गई थी, जिसमें 59 लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा दावा किया कि राजद के तत्कालीन रेल मंत्री ने यूसी बनर्जी आयोग का गठन किया था जिसने 17 जनवरी, 2005 को एक रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि आग दुर्घटनावश लगी थी और कोच में कोई आग नहीं लगाई गई थी।

इसे भी पढ़ें: Parliament: Russia-Ukraine war पर विदेश मंत्री ने कहा- खून बहाकर, मासूमों को मारकर नहीं निकल सकता समाधान

इसके साथ ही बृजलाल ने कहा कि निचली अदालत ने मामले में 11 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी और कुछ विपक्षी दलों पर आतंकवादियों के साथ सहानुभूति रखने का आरोप लगाया था। बाद में उच्च न्यायालय ने 11 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था जबकि 20 अन्य की पहले दी गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। उन्होंने दावा किया कि घटना का जिक्र करते हुए आयोग की रिपोर्ट में कहा गया था कि कोच में साधु थे जो नशे वाली चीजों का धूम्रपान कर रहे थे और उसी से गलती से आग लग गई। इतना कहते ही संसद में हंगामा मच गया। राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि ऐसी कोई भी घटना, चाहे वह कश्मीर में हुई हो या गोधरा में या दिल्ली में, ‘‘हम सभी सामूहिक रूप से इसके लिए जिम्मेदार हैं ... आप इसके लिएकिसी और को दोषी नहीं ठहरा सकते।’’ 

प्रमुख खबरें

Asian Games: नेपाल को 48-24 से हराकर भारतीय महिला कबड्डी टीम फाइनल में

SIR Controversy | कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में लगे ज्ञानेश कुमार हटाओ, चुनाव आयोग बचाओ के पोस्टर

BJP नेता Nitin Nabin ने Jaipur में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत दिलाई शपथ

समुद्र मंथन से जुड़ी है Anant Chaturdashi की परंपरा, पंचामृत में भगवान को खोजने की रीत