अमित शाह ने PM मोदी से की मुलाकात, लॉकडाउन का लेकर मुख्यमंत्रियों के विचारों से कराया अवगत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 29, 2020

नयी दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें अभी जारी राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को 31 मई के बाद बढ़ाए जाने के बारे में सभी मुख्यमंत्रियों के विचारों से अवगत कराया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस बैठक के दौरान शाह ने मोदी को बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्रियों के साथ टेलीफोन पर हुई अपनी बातचीत के दौरान मिले सुझावों और प्रतिक्रिया के बारे में अवगत कराया। देशव्यापी लॉकडाउन की पहली बार घोषणा मोदी ने 24 मार्च को 21 दिन के लिए कोरोना वायरस के प्रसार पर रोक के उद्देश्य से की थी। इसे पहली बार तीन मई तक और उसके बाद फिर 17 मई तक बढ़ाया गया था। लॉकडाउन को बाद में 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया था। गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों के साथ टेलीफोन पर बातचीत लॉकडाउन का चौथा चरण समाप्त होने के मात्र तीन दिन पहले की। अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के दौरान शाह ने यह जानना चाहा कि राज्यों की क्या चिंताएं हैं और एक जून से वे किन क्षेत्रों को खोलना चाहते हैं। अभी तक प्रत्येक लॉकडाउन चरण के विस्तार से पहले मुख्यमंत्रियों के साथ मोदी वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये संवाद करते रहे हैं और उनके विचार जानते रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ कि गृह मंत्री ने लॉकडाउन के एक और चरण की समाप्ति से पहले मुख्यमंत्रियों के साथ अलग अलग बातचीत की। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्रियों की सभी वीडियो कान्फ्रेंस में शाह मौजूद रहे हैं। ऐसा समझा जाता है कि अधिकतर मुख्यमंत्री चाहते हैं कि लॉकडाउन कुछ रूप में जारी रहे लेकिन साथ ही उन्होंने आर्थिक गतिविधियां बहाल होने और सामान्य जनजीवन चरणबद्ध तरीके से पटरी पर लौटने का पक्ष लिया है। 

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर मंथन जारी, गृह मंत्री अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों से की बात

प्रमुख खबरें

पंजाब चुनाव की रणनीति: Pargat Singh ने KC Venugopal से की अहम बैठक

Congress Chief Mallikarjun Kharge ने तमिलनाडु में तीन नई कमेटियों को दी मंजूरी

मतदान का अधिकार छीनना संविधान के मूल ढांचे पर हमला: Justice Ujjal Bhuyan

Sheikh Hasina प्रत्यर्पण: बांग्लादेश बोला, कानूनी प्रक्रिया के साथ राजनीतिक मंशा भी जरूरी