By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 06, 2026
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को घोषणा की कि सहकारी संस्थाओं के कारोबार का दायरा बढ़ाने के लिए एक सहकारी जीवन बीमा कंपनी स्थापित की जाएगी। उन्होंने साथ ही कहा कि ‘भारत टैक्सी’ की सेवाओं का विस्तार अगले दो साल में 500 शहरों तक किया जाएगा राष्ट्रीय राजधानी में सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने भारत के सहकारी तंत्र की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए पेशेवरों की नियुक्तियों में भ्रष्टाचार समाप्त करने पर जोर दिया। शाह ने कहा कि मंत्रालय की स्थापना से भारत के सहकारी आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है, जिसे कांग्रेस शासन के दौरान ‘‘उपेक्षित आंदोलन’’ बनाया गया था।
भारत में वर्तमान में 26 जीवन बीमा कंपनियां हैं। ‘भारत टैक्सी’ सहकारिता मॉडल पर आधारित चालक-केंद्रित परिवहन मंच सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड की एक पहल है। वर्तमान में भारत टैक्सी के साथ 6.37 लाख पंजीकृत चालक और 35.77 लाख पंजीकृत ग्राहक जुड़े हुए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सेवा फिलहाल दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, लखनऊ, चंडीगढ़, मुंबई, जयपुर और कानपुर में संचालित हो रही है। अगले कुछ महीनों में इसे रांची, पटना, गुवाहाटी, भोपाल, कोलकाता, इंदौर और नागपुर में भी शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि विशेष रूप से बीज उत्पादन के लिए एक राष्ट्रीय सहकारी संस्था का गठन किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अगले तीन वर्षों में देश की सबसे बड़ी गैर-सरकारी बीज उत्पादन संस्था बनकर उभरेगी।
मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं ने डेयरी, चीनी, उर्वरक और बैंकिंग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ते हुए कई नए क्षेत्रों में भी प्रवेश किया है। कुल 394 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) ने खुदरा ईंधन बिक्री केंद्र के लिए आवेदन किया है, जिनमें से तीन चालू हो चुके हैं। 54,000 से अधिक पैक्स साझा सेवा केंद्र (सीएससी) के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि 4,248 पैक्स को जन औषधि केंद्र खोलने की मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने सहकारी क्षेत्र का एक‘डेटाबेस’ तैयार किया है, जिससे देश में सहकारी संस्थाओं के विस्तार में मदद मिलेगी। शाह ने कहा कि गुजरात के आणंद में क्षमता निर्माण के लिए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है, जो मानव संसाधन की समस्या से निपटेगा।
मंत्री ने विश्वास जताया कि सहकारी क्षेत्र वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। केंद्रीय मंत्रालय पर राज्यों के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप करने की आशंका जताए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस शासित राज्यों ने भी यह शिकायत नहीं की कि केंद्रीय मंत्रालय ने उनके अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप किया है। शाह ने कहा, ‘‘ केंद्रीय मंत्रालय का उद्देश्य राज्यों के विषयों में हस्तक्षेप करना नहीं है। इसका उद्देश्य नीतियां बनाना है।’’ उन्होंने विश्वास जताया कि देश को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने में सहकारी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों ने हमेशा गरीबों के हित में सर्वांगीण विकास के लिए काम किया है। कार्यक्रम के दौरान शाह ने कई प्रमुख परियोजनाओं और पहल का शिलान्यास तथा उद्घाटन किया। इन पहल में 75,000 टन क्षमता वाले 135 गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का उद्घाटन तथा 47 अनाज भंडारण गोदामों का वर्चुअल शिलान्यास शामिल था। इसके अलावा, अमूल और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) द्वारा ‘सहकार वन का भूमिपूजन तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की ऊतक संवर्धन(टिश्यू कल्चर) सुविधाओं का उत्तर प्रदेश के बाराबंकी तथा महाराष्ट्र के जलगांव में भूमिपूजन भी किया गया।
कार्यक्रम की एक अन्य प्रमुख उपलब्धि 50,000 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को ई-पैक्स में बदलना रही, जो जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं के डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के दौरान भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बीच बीज प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
शाह ने मंत्रालय की उपलब्धियों पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया। मंत्रालय ने ‘सहकार से समृद्धि’ तथा विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के साथ किसानों, महिलाओं, युवाओं, लघु उत्पादकों, डेयरी किसानों, शहरी सहकारी संस्थाओं और ग्रामीण संस्थानों को जोड़ने वाला सहकारी तंत्र विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।