By एकता | Sep 06, 2026
गोवा के डोना पॉला में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के समय देश के सामने तीन बड़ी जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर में हिंसक उग्रवाद और देश के बड़े हिस्से में फैला नक्सलवाद चुनौतियां थीं। शाह ने कहा कि इसके अलावा देश में लगातार हो रहे बम धमाके और महिलाओं की सुरक्षा भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती थी। उनके मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में इन मोर्चों पर स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
गृह मंत्री ने कहा कि दशकों से देश के सामने चुनौती बना नक्सलवाद अब काफी हद तक खत्म हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि 'रेड कॉरिडोर' का सपना देखने वाले कई लोगों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना है।
पूर्वोत्तर को लेकर शाह ने कहा कि करीब 10 हजार युवाओं ने आत्मसमर्पण किया है। साथ ही 14 से ज्यादा शांति समझौतों के जरिए क्षेत्र में शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ है।
अमित शाह ने आर्थिक अपराधियों और विदेशों में छिपे भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों का प्रत्यर्पण कराकर उन्हें भारतीय अदालतों के सामने लाया गया है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए 'भारत-पोल' नाम का एक विशेष सिस्टम तैयार किया गया है। इसके जरिए 14 से ज्यादा केंद्रीय एजेंसियां और सभी राज्यों की पुलिस आपस में जुड़ी हुई हैं। शाह के मुताबिक, इस सिस्टम के जरिए भगोड़ों की करीब 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति सील की जा चुकी है।
अपराध और साइबर सुरक्षा पर बोलते हुए गृह मंत्री ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन आम लोगों के लिए साइबर अपराध के खिलाफ सुरक्षा कवच के तौर पर काम कर रही है।
शाह ने देश में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के सकारात्मक परिणाम मिलने का भी दावा किया। उन्होंने गोवा पुलिस का उदाहरण देते हुए कहा कि नए कानूनों के बाद राज्य की दोषसिद्धि दर 22 प्रतिशत से बढ़कर 53.2 प्रतिशत हो गई है।
अमित शाह ने कहा कि सरकार ने 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के कारोबार से आने वाला पैसा आतंकवाद को बढ़ावा देता है, इसलिए ड्रग्स के नेटवर्क को खत्म करना बेहद जरूरी है।
इसके लिए सरकार NCORD और राज्यों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम कर रही है। गृह मंत्री ने कहा कि समन्वित रणनीति के जरिए नशामुक्त और सुरक्षित भारत का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश की जा रही है।