By अभिनय आकाश | Sep 07, 2026
भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने हाल ही में ऋषिकेश में अपने आध्यात्मिक अनुभव की झलकियां साझा कीं, जहां उन्होंने जन्माष्टमी के सप्ताहांत के दौरान गंगा में पवित्र डुबकी लगाई। नदी के किनारे से तस्वीरें और एक वीडियो साझा करते हुए, जापानी राजनयिक ने इस अनुभव को "विस्मय, विनम्रता और कृतज्ञता" से भरा बताया। एम्बेसडर की पोस्ट में उन्हें गंगा में तीन बार डुबकी लगाते हुए दिखाया गया, जिसमें वे नदी में लगी एक चेन को पकड़े हुए थे। एक तस्वीर में उन्हें पानी में बैठे हुए और सेल्फी स्टिक पकड़े हुए मुस्कुराते हुए देखा गया। उनकी पोस्ट से एक बेहद सम्मानित भारतीय परंपरा में उनकी भागीदारी की झलक मिली।
इस पोस्ट पर जल्द ही सोशल मीडिया यूज़र्स की प्रतिक्रियाएं आने लगीं और कई लोगों ने इस परंपरा में एंबेसडर की भागीदारी की सराहना की। एक यूज़र, वीरज कपूरिया ने कमेंट किया, "सावधान रहिएगा, एंबेसडर सर। एक बार जब आपको गंगा जी और ऋषिकेश से प्यार हो जाएगा, तो आप कभी भी यहां से जा नहीं पाएंगे। एक और यूज़र ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राजदूत सिर्फ़ सीढ़ियों पर ही नहीं रुके और न ही उन्होंने बस दिखावे के लिए पानी छिड़का, बल्कि नदी में पूरी डुबकी लगाई। कमेंट में बताया गया कि उन्हें एक हाथ से ज़ंजीर पकड़े हुए और डुबकी लगाने से पहले और बाद में नमस्ते करते हुए देखा गया। यूज़र ने इस पल को सम्मान का ऐसा उदाहरण बताया जो सिर्फ़ कैमरे के लिए किया गया नहीं लग रहा था।
एक और सोशल मीडिया यूज़र ने राजदूत की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक समानता की ओर ध्यान दिलाया। कमेंट में प्रकृति—जैसे सूरज, चाँद, नदियाँ और हवा—के साथ साझा जुड़ाव का ज़िक्र किया गया और ऋषिकेश में राजदूत के अनुभव का स्वागत किया गया। भारत में गंगा का गहरा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, और जन्माष्टमी वीकेंड के दौरान राजदूत का पवित्र डुबकी लगाने का फ़ैसला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना।