By नीरज कुमार दुबे | May 25, 2026
तमिलनाडु में लगातार सामने आ रही हत्या, दुष्कर्म और गैंग अपराध की घटनाओं ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास 17 वर्षीय युवक गुबेंद्रन की निर्मम हत्या और कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म तथा हत्या मामले ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इन घटनाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता अन्नामलाई लगातार सरकार पर हमलावर हैं और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेतृत्व का परिचय देते हुए जनता की आवाज बुलंद कर रहे हैं।
जांच में सामने आया कि पिछले महीने चित्रई उत्सव के दौरान गुबेंद्रन और स्थानीय अपराधी मुथुमणि उर्फ थोथल मुथुमणि के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस का मानना है कि उसी दुश्मनी का बदला लेने के लिए हत्या की साजिश रची गई। मुथुमणि, उसका भाई राज तथा सतीश कुमार, हरि कृष्णन और मुथुकुमार को इस वारदात का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। हालांकि घटना के कई घंटे बाद तक पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। इससे पुलिस की कार्यशैली और तत्परता पर भी सवाल उठे।
इस बीच कोयंबटूर के सुलूर इलाके में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की घटना ने राज्यभर में भारी आक्रोश पैदा कर दिया। जनता सड़कों पर उतर आई और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। इसी संवेदनशील मामले के दौरान तमिलनाडु पुलिस की वरिष्ठ अधिकारी आरवी रम्या भारती का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह प्रेस वार्ता शुरू होने से पहले हंसती और सहज बातचीत करती दिखाई दीं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला और लोगों ने इसे पीड़ित परिवार तथा पूरे राज्य की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता बताया। लोगों का कहना था कि जब पूरा तमिलनाडु एक बच्ची की दर्दनाक हत्या पर शोक में डूबा है, तब वरिष्ठ अधिकारी का ऐसा व्यवहार जनता को आहत करने वाला है।
विवाद यहीं नहीं रुका। उसी दिन राज्य की उद्योग मंत्री एस कीर्तन भी आलोचनाओं के घेरे में आ गईं। एक वीडियो में वह पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुस्कुराती दिखाई दीं। जब उनसे बच्ची की हत्या को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह केवल प्रशासनिक सवालों का जवाब देंगी। इस बयान और उनके हावभाव को लेकर विपक्ष ने सरकार पर गंभीर हमला बोला। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री और अधिकारी जनता के दुख को गंभीरता से लेने की बजाय संवेदनहीन रवैया अपना रहे हैं। बाद में कीर्तन ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी मुस्कान को जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और उसका मामले से कोई संबंध नहीं था।
देखा जाये तो इन दोनों मामलों ने मुख्यमंत्री विजय की नेतृत्व क्षमता पर सवाल और गहरे कर दिए हैं। जनता के बीच यह धारणा मजबूत हो रही है कि नई सरकार अभी तक प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करने में सफल नहीं हुई है। अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार पर केवल उत्सव तथा छवि निर्माण में व्यस्त रहने के आरोप लग रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि विपक्ष अब सीधे मुख्यमंत्री की कार्यशैली को चुनौती देने लगा है।
भारतीय जनता पार्टी के नेता अन्नामलाई ने इन घटनाओं को लेकर सरकार पर सबसे तीखा हमला बोला है। मदुरै हत्या कांड के बाद उन्होंने घटनास्थल का वीडियो साझा करते हुए कहा कि तमिलनाडु में नशा तस्करों, दुष्कर्मियों और हत्यारों को खुली छूट मिल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया और नई सरकार अब भी जश्न के माहौल से बाहर नहीं निकल पाई है। अन्नामलाई ने जिस आक्रामक और सक्रिय तरीके से इन मुद्दों को उठाया है, उससे वह जनता के बीच मजबूत विपक्षी नेता के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई लगातार जमीनी मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में सफल हो रहे हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। मदुरै और कोयंबटूर की घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि तमिलनाडु में कानून व्यवस्था अब सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि कठोर और प्रभावी कार्रवाई चाहती है। ऐसे समय में अन्नामलाई की सक्रियता और सरकार की रक्षात्मक स्थिति तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों की ओर संकेत कर रही है।