By एकता | Sep 13, 2026
एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोडेई ने एक बार फिर कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास की रफ्तार थोड़ी धीमी करने की जरूरत है। उनका कहना है कि जैसे-जैसे एआई ज्यादा ताकतवर हो रहा है, वैसे-वैसे उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने का समय भी मिलना चाहिए।
अमोडेई से जब पूछा गया कि क्या भविष्य में एआई इंसानों की जान ले सकता है, तो उन्होंने कहा कि वह इस चिंता से काफी हद तक सहमत हैं। उन्होंने एंथ्रोपिक के पूर्व कर्मचारी जैकब कॉक्सन की चिंताओं का भी जिक्र किया।
कॉक्सन ने हाल ही में एंथ्रोपिक की नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने खुले तौर पर एआई के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि बड़ी एआई कंपनियां ज्यादा ताकतवर तकनीक बनाने की दौड़ में ऐसे खतरे उठा रही हैं, जिन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अमोडेई ने कहा कि वह जैकब कॉक्सन की बातों से असहमत होने के बजाय उनसे ज्यादा सहमत हैं। उन्होंने बताया कि कॉक्सन ने एंथ्रोपिक को गैर-जिम्मेदार कंपनी नहीं बताया था। उनका कहना था कि एंथ्रोपिक इन खतरों को लेकर काफी जागरूक है, लेकिन पूरी एआई इंडस्ट्री बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है।
अमोडेई ने कहा कि एआई के खतरे को सिर्फ किसी प्रतिशत के रूप में बताना सही तरीका नहीं है। जैसे अगर कोई कहे कि खतरा 10 प्रतिशत है, तो ऐसा लगता है जैसे सब कुछ किस्मत के भरोसे है। उनके मुताबिक, असल सवाल यह है कि हम कौन सा रास्ता चुनते हैं। अगर सही फैसले लिए गए तो खतरा कम किया जा सकता है। वहीं गलत फैसलों से स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है।
अमोडेई ने कहा कि एआई को सुरक्षित बनाने के लिए कंपनियों और सरकारों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने माना कि एआई के विकास को बहुत ज्यादा धीमा करना भी सही नहीं होगा। उनका मानना है कि अगर जिम्मेदार लोग इस तकनीक के विकास से पीछे रह गए, तो गलत लोगों के हाथ में इसकी कमान जाने का खतरा बढ़ सकता है।
अमोडेई का यह बयान जैकब कॉक्सन के इस्तीफे के बाद आया है। कॉक्सन एंथ्रोपिक और ओपनएआई दोनों में काम कर चुके हैं। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने बड़ी एआई कंपनियों पर बेहद ताकतवर तकनीक बनाने की दौड़ में ज्यादा जोखिम लेने का आरोप लगाया था।