By अंकित सिंह | Jul 13, 2023
यमुना नदी के रौद्र रूप में दिल्ली में बाढ़ का संकट पैदा कर दिया है। दिल्ली के निचले इलाकों में पानी भर गया है। इसके बाद से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। हालांकि, दिल्ली में बाढ़ को लेकर राजनीति भी जबरदस्त तरीके से हो रही है। आम आदमी पार्टी का दावा है कि हरियाणा के पानी छोड़े जाने की वजह से दिल्ली में यह संकट पैदा हुआ है। दूसरी ओर भाजपा साफ तौर पर कह रही है कि अरविंद केजरीवाल हर मुद्दे से भागने की कोशिश करते हैं। चाहे वह बाढ़ का बात हो या फिर कोरोना काल रहा हो, केजरीवाल लगातार अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ाते हैं।
दिल्ली की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी को रविवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। सरकारी स्कूलों को राहत शिविर में तब्दील किया जा रहा है। यमुना में पानी का उफान इस कदर है कि आईटीओ हो या फिर दिल्ली सचिवालय, मयूर बिहार का पॉश इलाका हो या फिर कश्मीरी गेट, हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। दिल्ली सरकार के मंत्री जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। उनकी ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने के दावे भी किए जा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के नेता भी जमीन पर मदद पहुंचाने की कोशिश में लगे हुए हैं। दिल्ली में जल प्रलय की वजह से जल संकट का भी दौर आ सकता है। खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसके संकेत दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि पानी भर जाने की वजह से वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद करना पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पीने के पानी को लेकर दिल्ली में एक-दो दिनों का संकट आ सकता है। पानी तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास तक भी पहुंच रहा है।