धक्का-मुक्की विवाद में Vaibhav Suryavanshi को मिला BCCI का साथ, बोर्ड ने Action लेने से किया इनकार

By Ankit Jaiswal | Jun 16, 2026

श्रीलंका के दांबुला में खेली जा रही त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान एक मुकाबले के बाद युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी चर्चा का केंद्र बन गए हैं। मैच खत्म होने के बाद मैदान पर श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ उनकी तीखी बहस और धक्का-मुक्की का वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद क्रिकेट जगत में इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार अतिरिक्त ओवर की अंतिम तीन गेंदों का सामना वैभव सूर्यवंशी ने किया था। मैच समाप्त होने के बाद जब वह अपने साथी बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे के साथ मैदान से बाहर लौट रहे थे, तभी श्रीलंका ए के खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर माहौल गर्म हो गया और वैभव सूर्यवंशी की कुछ खिलाड़ियों के साथ बहस शुरू हो गई।

देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और युवा भारतीय बल्लेबाज ने एक श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का भी दे दिया। इसके बाद मैदान पर मौजूद अन्य खिलाड़ियों ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों खिलाड़ियों को अलग किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे कि क्या भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड युवा बल्लेबाज के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।

हालांकि बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए किसी भी तरह की कार्रवाई की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ी अपना पूरा ध्यान टूर्नामेंट पर केंद्रित रखें और किसी अन्य विवाद या बाहरी मुद्दे से प्रभावित न हों।

गौरतलब है कि वैभव सूर्यवंशी हाल ही में घरेलू क्रिकेट और पेशेवर टी-20 प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहे थे। उनसे इस त्रिकोणीय श्रृंखला में भी बड़ी पारियों की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि अब तक वह अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में सफल नहीं हो पाए हैं। टूर्नामेंट में उनके अब तक के स्कोर 14, 44 और 21 रन रहे हैं।

विवाद के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के आचार संहिता नियमों पर भी चर्चा तेज हो गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार आचार संहिता का अनुच्छेद 2.12 खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क को प्रतिबंधित करता है। नियमों के तहत जानबूझकर, लापरवाही से या टकराव की स्थिति पैदा करने वाले शारीरिक व्यवहार को अनुशासनहीनता माना जा सकता है।

जानकारों का कहना है कि किसी भी मामले में कार्रवाई का फैसला घटना की परिस्थितियों, संपर्क की गंभीरता, इरादे और उससे हुए प्रभाव को ध्यान में रखकर लिया जाता है। हालांकि फिलहाल भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका ध्यान खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर है और वह इस घटना को लेकर किसी अतिरिक्त दबाव की स्थिति नहीं बनाना चाहता है।

अब भारत ए की टीम टूर्नामेंट के आगामी मुकाबलों पर ध्यान केंद्रित करेगी। वहीं वैभव सूर्यवंशी के सामने भी बल्ले से बेहतर प्रदर्शन कर अपनी छाप छोड़ने की चुनौती होगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि युवा बल्लेबाज आने वाले मैचों में किस तरह वापसी करते हैं और टीम को जीत दिलाने में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।

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