By अभिनय आकाश | Jun 11, 2025
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को 2010 के धौला कुआं गैंगरेप मामले के पांच दोषियों में से एक शाहिद उर्फ बिल्ली की अपील पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। यह मामला 23 नवंबर 2010 को मोती बाग से एक बीपीओ कर्मचारी को मेवाती गिरोह द्वारा मिनी ट्रक में अगवा कर सामूहिक बलात्कार करने से जुड़ा है। गैंगरेप के बाद उसे मंगोलपुरी इलाके में फेंक दिया गया था। पांचों आरोपियों को 2014 में दोषी ठहराया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने 2018 में उनकी सजा बरकरार रखी थी। जस्टिस गिरीश कठपालिया ने अभियोजन पक्ष को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में अपील पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। हाईकोर्ट ने संबंधित जेल अधिकारियों से भी नाममात्र की भूमिका मांगी है।
हाईकोर्ट ने 11 जून को आदेश दिया, उसने बिना किसी छूट के लगभग 13 साल जेल में बिताए हैं और इस मामले की विशिष्ट परिस्थितियों के कारण, यह आवेदन स्वीकार किया जाता है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली तारीख तक याचिकाकर्ता को सरेंडर करने से छूट दी जाती है। यह स्पष्ट किया जाता है कि यह आदेश दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में दिया गया है। इसे मिसाल नहीं माना जाना चाहिए। द्वारका कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2014 को शमशाद उर्फ खुटकन, उस्मान उर्फ काले, इकबाल उर्फ बिल्ली, शाहिद उर्फ बिल्ली और कमरुद्दीन उर्फ कमरू को दोषी करार दिया था।