By अनन्या मिश्रा | May 27, 2026
वास्तु शास्त्र में घर में रख-रखाव के तमाम नियमों के बारे में बताया गया है। घर में गलत दिशा में सामान रखने या फिर साफ-सफाई का ध्यान न रखने पर वास्तु दोष हो सकता है। जिससे घर में दरिद्रता आती है। इसके अलावा वास्तु शास्त्र में अन्य कई ऐसे कारण भी बताए गए हैं, जोकि दरिद्रता की वजह बनते हैं। वहीं वास्तु में घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ सरल उपायों के बारे में भी बताया गया है।
घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में तालाब, बोरिंग या गड्ढा आदि होने से आर्थिक नुकसान व बीमारियां होने की संभावना रहती है।
अगर घर का मुख्य दरवाजा टूटा है, गंदा है, तो भी घर में मां लक्ष्मी का प्रवेश नहीं होता है। वास्तु में काले रंग का दरवाजा या मुख्य द्वार पर अंधेरा होना भी दरिद्रता की वजह बनती है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक अगर दक्षिण-पश्चिम दिशा में रसोई है, तो इससे बरकत रुक सकती है। वहीं रात को किचन में गंदे बर्तन छोड़ना भी दरिद्रता को बुलावा है।
घर के मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल बिखरे होने से भी आपको वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है।
घर की दीवारों में दरारें, सीलन या फिर लंबे समय से बंद पड़ी घड़ियां भी घर में निगेटिव एनर्जी को बढ़ाती है।
बता दें कि घर जितना साफ-सुथरा और व्यवस्थित होगा, उतना ही अधिक सकारात्मक ऊर्जा का फ्लो घर में बना रहेगा।
इसके साथ ही घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी की ईशान कोण को हमेशा साफ-सुथरा और हल्का रखना चाहिए।
घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को अन्य दिशाओं की तुलना में हमेशा ऊंचा रखना चाहिए।
पॉजिटिव एनर्जी के प्रवाह को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से घर में सुबह-शाम पूजा करनी चाहिए और कपूर जलाएं।
घर में पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह बढ़ाने के लिए घर में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए।
घर में पोंछा लगाने के दौरान पानी में थोड़ा सा साधारण नमक डालें। फिर इस पानी से पोंछा लगाएं। ऐसा करने से निगेटिव एनर्जी से राहत मिलेगी।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा आनी चाहिए। इससे भी पॉजिटिविटी बढ़ती है।