Jammu-Kashmir में घुसपैठियों को देखते ही सेना ने ललकारा, दोनों ओर से हुई दनादन फायरिंग, 1 आतंकी ढेर

By नीरज कुमार दुबे | May 13, 2026

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास सेना ने आतंकवादियों की घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों के अनुसार यह घटना कृष्णा घाटी अग्रिम क्षेत्र में हुई, जहां सतर्क सैनिकों ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की ओर से भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के एक समूह की गतिविधियों का पता लगाया। सेना के जवानों ने तुरंत उन्हें ललकारा, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। इस कार्रवाई में एक घुसपैठिया मारा गया।

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इसी बीच जम्मू जिले में भी सुरक्षा हालात की समीक्षा को लेकर उच्च स्तरीय गतिविधियां तेज हो गई हैं। जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगिंदर सिंह ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले की मौजूदा सुरक्षा स्थिति का आकलन करना और खुफिया तंत्र की प्रभावशीलता की समीक्षा करना था। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि असामाजिक और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से मानव खुफिया तंत्र के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन जमीनी स्तर पर सक्रिय स्थानीय स्रोत और प्रत्यक्ष जानकारी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सबसे अधिक प्रभावी साबित होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय स्तर पर संपर्क और समन्वय को और मजबूत किया जाए ताकि समय रहते किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों को यह भी कहा गया कि वे आम लोगों के साथ संवाद बढ़ाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी को और सुदृढ़ करें।

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत पाकिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण भी किया था। उपमहानिरीक्षक श्रीधर पाटिल ने जम्मू जिले के मल्ला भरोरे, जोगवान और पल्लनवाला सहित कई सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगिंदर सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। निरीक्षण का उद्देश्य सीमा सुरक्षा तंत्र, परिचालन तैयारियों और नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करना था।

दौरे के दौरान अधिकारियों ने सीमा पुलिस चौकियों पर तैनात जवानों से बातचीत की और उन्हें निरंतर सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने घुसपैठ के प्रयासों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और प्रभावी सीमा प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के साथ विश्वासपूर्ण संबंध बनाए रखने को भी महत्वपूर्ण बताया गया, ताकि स्थानीय स्तर पर सूचनाओं का आदान प्रदान मजबूत हो सके।

उधर, राजौरी जिले के मेंढर क्षेत्र में पुलिस ने आतंकवादियों के एक पुराने ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। दारहल क्षेत्र के सारा सिमली गली इलाके में विशेष अभियान दल द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गईं। अधिकारियों के अनुसार बरामद सामान में पांच आईईडी बैटरियां, दूरबीन, पुराने बैग, सिरिंज, शेविंग ब्लेड और कुछ डायरी कवर शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह सामग्री उस दौर की हो सकती है जब क्षेत्र में आतंकवाद चरम पर था।

इन घटनाओं से साफ है कि जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही हैं। नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने से लेकर पुराने आतंकवादी नेटवर्क के सुराग तलाशने और खुफिया तंत्र को मजबूत करने तक, सेना और पुलिस दोनों ही स्तरों पर व्यापक रणनीति के तहत कार्रवाई जारी है। सुरक्षा बलों का मानना है कि स्थानीय सहयोग, मजबूत खुफिया नेटवर्क और निरंतर निगरानी ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कुंजी है।

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