J&K News: कुलगाम में सेना की बड़ी कार्रवाई, दो आतंकी ठिकाने ध्वस्त

By अभिनय आकाश | Nov 03, 2025

सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम ज़िले के दमहाल हंजीपोरा के वन क्षेत्रों में एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान दो पुराने आतंकवादी ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया। विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद, 9 राष्ट्रीय राइफल्स और स्थानीय पुलिस ने यह अभियान चलाया। अहमदाबाद और नेंगरीपोरा वन क्षेत्रों के बीच इन ठिकानों का पता लगाया गया और बाद में इनका दोबारा इस्तेमाल रोकने के लिए इन्हें नष्ट कर दिया गया। वन क्षेत्रों की घेराबंदी कर दी गई है और आगे भी तलाशी अभियान जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और छिपा हुआ भंडार या आतंकवादी गतिविधियाँ न हों।

पिछले महीने अनंतनाग में हुआ ऑपरेशन

यह पिछले महीने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के हॉर्नाग-वतकश जंगल में इसी तरह के एक ऑपरेशन के बाद हुआ है, जहाँ सुरक्षा बलों को एक सुरक्षित ठिकाना मिला था। यह तलाशी 19 राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। अधिकारियों ने घटनास्थल से बैकपैक, गर्म कपड़े, बर्तन, खुदाई के औज़ार, एक गैस सिलेंडर और संदिग्ध युद्ध-संबंधी सामान (WLS) बरामद किए। इन चीज़ों से संकेत मिलता है कि इस ठिकाने पर हाल ही में आतंकवादियों ने कब्ज़ा किया होगा, जो सुरक्षा बलों की मौजूदगी का पता चलने के बाद भाग गए होंगे।

इसे भी पढ़ें: उमर अब्दुल्ला ने सवाल किया - कश्मीर में सवाल क्यों नहीं पूछते राजनेता

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि हवाई निगरानी से बचने के लिए इन ठिकानों को रणनीतिक रूप से स्थापित किया गया था और ये इस क्षेत्र में आतंकवादियों के अस्थायी ठिकानों के रूप में काम कर सकते थे। अधिकारी ने कहा, "इसका पता लगना आतंकवादियों की रसद और आवाजाही के लिए एक झटका है।" दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और अनंतनाग ज़िलों में सुरक्षा बलों ने कई आतंकवादी ठिकानों का भंडाफोड़ किया है।

प्रमुख खबरें

China की Geely और Renault का 3000 करोड़ी दांव, भारत में बनेंगे Next-Gen Hybrid इंजन

अब Vaibhav Sooryavanshi के छोटे भाई Aashirwad का तूफान, ठोके लगातार दो Century

Online Fraud पर RBI का बड़ा फैसला, बैंक ग्राहकों को मिलेगा ₹25,000 तक का Compensation, जानें नए नियम।

पासपोर्ट बनवाना हो गया महंगा... नॉर्मल कैटेगरी ₹2,500 और तत्काल में ₹5,000, साल 2012 के बाद फीस में हुआ बड़ा बदलाव